नई दिल्ली:
Jana Nayagan Movie Review In Hindi: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और साउथ सुपरस्टार विजय की मचअवेटेड फिल्म जन नायकन (हिंदी में जन नेता) 23 जुलाई 2026 को वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. जनवरी 2026 से लगातार पोस्टपोन हो रही फिल्म को थियेटरों में जगह मिल गई है. एच. विनोथ निर्देशित ‘जन नायकन’ में बॉलीवुड सुपरस्टार बॉबी देओल और पूजा हेगड़े भी हैं. फिल्म रिलीज से पहले से चर्चा में बनी हुई थी क्योंकि यह विजय की आखिरी फिल्म होने वाली है, जिसकी वजह से फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने वाले विजय के फैंस जश्न मनाते हुए नजर आ रहे. हालांकि फैंस रिव्यू से हटकर आइए आपको बताते हैं कैसी है फिल्म.
थलापति की धांसू एंट्री
फिल्म की शुरूआत में ही थलापति विजय की धांसू एंट्री देखने को मिलती है. जेल के अंदर उनका 10 मिनट का फाइट सीन है, जो विजय के फैंस के लिए ट्रीट से कम नहीं है. उनके अलावा बॉबी देओल की विलेन के रोल में एक्शन वाली एंट्री भी देखने लायक है. फिल्म के पहले 25 मिनट में जोरदार एक्शन और सिर्फ एक्शन देखने को मिल रहा है. जिससे देखकर कह सकते हैं कि ये फुल मसाला फिल्म है और थलापति का आखिरी डांस फैंस के लिए गिफ्ट से कम नहीं है.
जन नेता की कहानी
फिल्म की कहानी विजय के जेल से बाहर आने से शुरू होती है. जिस जेल में विजय बंद होते हैं, उसका कत्ल हो जाता है और उसकी बेटी को विजय गोद ले लेते हैं. वहीं दूसरी तरफ इंडियन नेवी पर अटैक होता है, जिसे इसे बॉबी देओल अंजाम देते हैं. जन नायकन में एक टेडी बीयर टॉय भी है, जिससे जुड़ा एक रहस्य भी है. फिल्म में ममता बैजू ने उस जेलर की बेटी का रोल किया है जिसकी परवरिश थलापति करते हैं. लेकिन कुछ ऐसा होता है कि ममता बैजू की जान खतरे में आ जाती है. फिर दिखता है थलापति का विकराल रूप. थलापति की एक बैक स्टोरी भी है. फिल्म में भी विजय के किरदार का नाम थलापति है. पूजा हेगड़े और विजय का लव एंगल है. कुल मिलाकर कहानी में बहुत नयापन नहीं है, लेकिन थलापति के फैन्स के लिए ये तीन घंटे तीन मिनट की फिल्म बेजोड़ होगी.
जन नेता का डायरेक्शन
‘जन नेता’ का हर सीन विजय को समर्पित है. शुरूआत से लेकर अंत तक फिल्म में विजय ही विजय नजर आते हैं. उनका एक्शन अवतार से लेकर डांस दिखाया गया है, जो थलापति के फैंस के लिए ट्रीट है. प्रकाश राज को भ्रष्ट नेता के रोल में दिखाया गया है. जन नेता में जन आंदोलन, नकली शराब से मौतें, भ्रष्टाचार, आतंकी हमले और पाकिस्तान का जिक्र किया गया है और मुद्दों को उठाया गया है. विजय की आखिरी फिल्म में कोई टॉपिक नहीं छोड़ा गया है. एआई वर्सेज ह्यूमन वॉर भी है, जिसमें रोबोट आर्मी से फाइट करते हैं. ड्रोन भी दिखाए गए हैं. आखिर में इलेक्शन भी आ जाते हैं. कुल मिलाकर ऐसा लगता है कि फैन्स इस फिल्म को एक बार नहीं बार-बार देखेंगे.
जन नेता वर्डिक्ट
कहानी भूल जाइए, सब कुछ भूलकर सिर्फ थलापति और थलापति के लिए ही फिल्म देखिए. हां एक और बात, फिल्म देखकर दिमाग में यही ख्याल आया कि अगर ये फिल्म इलेक्शन से पहले रिलीज हो जाती तो क्या होता?

