चेन्नई: द्रविण मुन्नेत्र कषगम (DMK) के सांसद दयानिधि मारन ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा में बड़ा बयान दिया। सांसद दयानिधि मारन ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा पर रोक लगनी चाहिए। क्योंकि इसमें एकरूपता नहीं है। डीएमके सांसद ने दावा किया कि नीट परीक्षा की शुरुआत से लेकर अब तक उनके राज्य तमिलनाडु समेत पूरे देश में अनेक छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात को दर्शाता है कि नीट परीक्षा से क्या हालात हो गए हैं।
सांसद ने उठाया सवाल
सांसद दयानिधि मारन ने कहा कि पीएम, प्रेजिडेंट और सांसद उन डॉक्टरों से इलाज कराते हैं, जो NEET से नहीं चुने गए। 22 लाख छात्र हर साल एग्जाम देते हैं। 12 लाख पास होते हैं। मेडिकल की सीट ही 1 लाख 39 हजार है तो पास होने वाले छात्र भी ठगा महसूस करते हैं। अंग्रेजी मीडियम के सीबीएसई के स्टूडेंट NEET के लिए क्वॉलिफाई करते हैं। मगर स्टेट बोर्ड वाले पिछड़ रहे हैं।
NEET के कारण कोचिंग सेंटरों को मिला फायदा
डीएमके सांसद ने कहा कि NEET के कारण कोचिंग सेंटरों को फायदा मिला है। जो छात्र से 5-10 लाख रुपये तैयारी के लिए वसूलते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या NEET के कारण डॉक्टर की क्वॉलिटी बढ़ गई है। क्या मौतों में कमी आई है। गुजरात की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गुजरात की एक लड़की NEET एग्जाम में 720 नंबर लाई मगर 12वीं में वह दो बार फेल हुई।
NEET परीक्षा में छात्रों के अंडर गारमेंट तक किए जाते हैं चेक
सांसद दयानिधि मारन ने कहा कि NEET के कारण 16-17 साल के बच्चों को नंगा किया जाता है। अगर बच्चों के बटन मेटल के होते हैं तो उन्हें काटा जाता है। उनके अंडर गारमेंट तक चेक किए जाते हैं। NEET अमेरिकन सिस्टम है। इसे पिछले 10 साल से फॉलो किया जा रहा है। एक देश, एक एग्जाम का कॉन्सेप्ट ही गलत है। क्योंकि हमारे हर प्रदेश में विविधता है। एग्जाम के दौरान जब बच्चे कुछ मिनट लेट हो जाते हैं, उन्हें परीक्षा के लिए एंट्री नहीं दी जाती है।
वित्त मंत्री पेपर लीक का समर्थन करती हैं-डीएमके
NEET एग्जाम के दौरान पेपर लीक के मामलों का उदाहरण देते हुए डीएम सांसद ने कहा कि आज तक कभी दोषियों को सजा नहीं मिली। उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की NEET पेपर लीक को लेकर दिए गए बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री पेपर लीक का समर्थन करती हैं।

