मुंबई | महाराष्ट्र के ठाणे में परिवहन विभाग की ओर से आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उस समय अजीब और असहज स्थिति बन गई, जब आधिकारिक ‘वंदे मातरम’ के बजाय लता मंगेशकर का गाया एक फिल्मी एल्बम गाना बज उठा। यह पूरा आयोजन गैर-मराठी लोगों को मराठी भाषा सिखाने के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान के समापन समारोह के तहत रखा गया था। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और स्थानीय विधायक प्रताप सरनाईक जैसे कई बड़े नेता मंच पर मौजूद थे।
सभी लोग सम्मान की मुद्रा में खड़े हो गए
घटना उस वक्त हुई जब मुख्य अतिथि के तौर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंच पर पहुंचे और कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के लिए सभी से ‘वंदे मातरम’ के सम्मान में खड़े होने का आग्रह किया गया। मंच पर मौजूद तमाम दिग्गजों के साथ-साथ हाल में बैठे सभी लोग सम्मान की मुद्रा में अपनी-अपनी जगहों पर खड़े हो गए। लेकिन जैसे ही साउंड सिस्टम चालू हुआ, ऑपरेटर की बड़ी चूक की वजह से आधिकारिक राष्ट्रगीत की बजाय लता मंगेशकर का एक पुराना गाना बजने लगा।
हालांकि उस गाने की शुरुआत भी ‘वंदे मातरम’ के बोलों से ही होती है, लेकिन वह किसी सरकारी आयोजन में बजाए जाने वाला स्वीकृत और औपचारिक ‘वंदे मातरम’ नहीं था। गलती पकड़ में आने के बावजूद कार्यक्रम के प्रोटोकॉल और राष्ट्रगीत के सम्मान को देखते हुए कोई भी बीच में अपनी जगह से नहीं हिला। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और वहां मौजूद सभी प्रशासनिक अधिकारी लगभग 4 मिनट तक सावधान की मुद्रा में बिल्कुल शांत खड़े रहे। जब वह गाना पूरा खत्म हो गया, तब स्थिति को संभालते हुए दोबारा से सही राष्ट्रगीत और महाराष्ट्र का राज्य गीत बजाया गया।
प्रशासनिक लापरवाही पर मांगी माफी
गाना खत्म होने के बाद जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का संबोधन शुरू हुआ, तो उन्होंने इस प्रशासनिक लापरवाही पर अपनी नाराजगी छिपाने की बजाय खुलकर बात की। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस गलती के लिए माफी मांगी और आयोजकों को जमकर फटकार लगाई। शिंदे ने सख्त लहजे में अधिकारियों को हिदायत दी कि राष्ट्रीय सम्मान और देशभक्ति से जुड़े आयोजनों में इस तरह की लापरवाही दोबारा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों से पहले साउंड और अन्य व्यवस्थाओं की पूरी जांच-पड़ताल कर ली जानी चाहिए ताकि इस तरह की फजीहत से बचा जा सके।
गौरतलब है कि ठाणे शहर को एकनाथ शिंदे का मुख्य राजनीतिक गढ़ माना जाता है और वे 2004 से लगातार इसी क्षेत्र से विधायक चुनते आ रहे हैं। ऐसे में उनके अपने ही इलाके में हुई इस बड़ी चूक का मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

