राजस्थान के डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. चौरासी क्षेत्र में दिल्ली एकेडमी स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक वैन पीठ-दरियाटी बायपास पर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई. हादसे में वैन सवार 14 बच्चे घायल हो गए. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई.
जानकारी के अनुसार, हादसा धंबोला थाना क्षेत्र के पीठ-दरियाटी बायपास पर सुबह हुआ. दिल्ली एकेडमी स्कूल की वैन बच्चों को उनके घरों से लेकर स्कूल की ओर जा रही थी. इसी दौरान बायपास पर अचानक वैन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गई. वैन के पलटते ही उसमें सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई. हादसे की आवाज सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे. लोगों ने बिना देर किए वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकालने में मदद की.
14 बच्चों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे में घायल हुए 14 बच्चों को तत्काल सीमलवाड़ा अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया. हादसे के बाद बच्चों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे, जिससे मौके पर कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा.फिलहाल घायल बच्चों की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है. प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने बच्चों की स्थिति का आकलन किया.
हादसे की सूचना पर पहुंची पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही धंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने दुर्घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई. पुलिस की ओर से वाहन और चालक से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है. प्रारंभिक जानकारी में वैन में क्षमता से अधिक बच्चों के सवार होने की बात सामने आ रही है. हालांकि, ओवरलोडिंग की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी.
चालक की लापरवाही और वाहन की गति भी जांच के दायरे में
पुलिस हादसे के पीछे संभावित कारणों की जांच कर रही है. वाहन की गति, चालक की लापरवाही, सड़क की स्थिति और वाहन की तकनीकी स्थिति सहित अन्य पहलुओं को भी जांच के दायरे में रखा गया है.
हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खड़ा हो गया है. अगर वैन में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे, तो बच्चों की सुरक्षा के साथ इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई? स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालक की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
स्कूल वाहनों की सुरक्षा जांच पर सवाल
स्कूली बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन संचालित होते हैं. ऐसे में इन वाहनों में क्षमता के अनुसार बच्चों को बैठाना, वाहन की फिटनेस, चालक की दक्षता और सुरक्षा मानकों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है.
डूंगरपुर के इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों की नियमित रूप से जांच की जा रही है? क्या वाहन संचालक निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठा रहे हैं? और यदि नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और वैन में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा. पुलिस वाहन और चालक से संबंधित सभी पहलुओं की जांच कर रही है. यह हादसा अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय है. बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाले वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और स्कूल प्रबंधन से प्रभावी निगरानी की उम्मीद की जा रही है.

