मुंबई- महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने मराठी सीखने से इनकार करने वाले ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की घोषणा की है। उनके अनुसार, 1.65 लाख ड्राइवरों को मराठी सिखाने के अभियान के बावजूद कुछ ड्राइवर भाषा सीखने से मना कर रहे हैं, जिसे सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। यह कार्रवाई महाराष्ट्र में स्थानीय भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की जा रही है।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने बुधवार को कहा कि राज्य में पिछले 105 दिनों से टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सिखाने का अभियान चल रहा है और इस दौरान 1,65,000 चालकों ने मराठी सीखी है और सर्टिफिकेट हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोगों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को भी यहां रोज़गार मिलना चाहिए और मुंबई में सभी को समाहित करने की क्षमता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि राज्य की भाषा मराठी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और उसका प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के मंत्री का यह बयान कुछ ड्राइवरों के उन वीडियो के बाद आया है, जिनमें उन्होंने कहा है कि वे मराठी नहीं सीखेंगे और सरकार को चुनौती दी है कि वह जो चाहे कर ले। उन्होंने कहा कि ऐसी बदतमीज़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रताप सरनाईक ने कहा कि सरकार ऐसे ऑटो-रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को बर्दाश्त नहीं करेगी जो मराठी सीखने से इनकार करते हैं और यह कहकर अकड़ दिखाते हैं कि वे यह भाषा नहीं सीखेंगे। उनके खिलाफ़ कानूनी दायरे में रहकर कार्रवाई की जाएगी।

