सरकार ने SIM कार्ड को लेकर नया नियम लागू किया है. अब एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 SIM रख सकता है, जबकि कुछ क्षेत्रों में यह सीमा 6 है. अगर ये सीमा आप पार करते हैं, तो आपका एक्स्ट्रा नंबर बंद कर दिया जाएगा.
दूरसंचार विभाग (DoT) के नियम के मुताबिक, एक भारतीय नागरिक अपने नाम पर ज्यादा से ज्यादा 9 SIM कार्ड रख सकता है. यानी आपके नाम पर 9 से ज्यादा SIM कार्ड नहीं चल सकते. हालांकि, जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ ईस्ट के कुछ इलाकों में यह सीमा सिर्फ 6 SIM कार्ड की है. DoT के 17 अगस्त 2026 के नए सर्कुलर के अनुसार टेलीकॉम कंपनियों को इससे जुड़े निर्देश भी जारी कर दिए हैं. अब कंपनियों को ध्यान रखना होगा कि किसी के नाम पर तय सीमा से ज्यादा SIM कार्ड न हों.
9 SIM के बाद नहीं मिलेगा नया कनेक्शन
अगर आपके नाम पर पहले से 9 SIM कार्ड हैं, तो आप 10वां SIM आसानी से नहीं ले पाएंगे. सरकार ऐसे लोगों की जानकारी अपने Digital Intelligence Platform (DIP) पर रखेगी. इसमें व्यक्ति की फोटो और दूसरी जरूरी जानकारी शामिल होगी. टेलीकॉम कंपनियां इस जानकारी को देखकर पता करेंगी कि आपके नाम पर पहले से कितने SIM हैं. अगर 9 SIM पहले ही चल रहे हैं, तो कंपनी आपके नाम पर नया SIM जारी नहीं करेगी.
10वां SIM कार्ड लेने पर क्या होगा?
अगर किसी यूजर के नाम पर 9 से ज्यादा SIM कार्ड पाए जाते हैं, तो पहले 9 के बाद जारी किए गए SIM कार्ड को ब्लॉक किया जाएगा. यानी 10वां या उसके बाद का कनेक्शन ज्यादा समय तक चालू नहीं रह पाएगा. DoT के सर्कुलर के मुताबिक, 23 अगस्त से यह डेटा टेलीकॉम कंपनियों के लिए DIP पर उपलब्ध होगा. कंपनियां इसी जानकारी के आधार पर यह पता लगा सकेंगी कि कोई व्यक्ति तय लिमिट से ज्यादा SIM तो इस्तेमाल नहीं कर रहा.
हालांकि, शुरुआत में टेलीकॉम कंपनियां SIM जारी करते समय ही 10वें कनेक्शन को तुरंत पकड़ नहीं पाएंगी. पहले SIM जारी होगा और उसके बाद DIP के जरिए इसकी जांच की जाएगी. यानी फिलहाल कंपनियों को ‘रियल टाइम’ में रोकने के बजाय बाद में कार्रवाई करनी होगी. 30 नवंबर 2026 तक टेलीकॉम कंपनियों को इस व्यवस्था को तत्काल (Real Time) करने का निर्देश दिया गया है.
क्यों लाया गया ये नियम?
दरअसल, ठग दूसरे लोगों के नाम पर SIM कार्ड निकलवा रहे हैं. इसके बाद इसी SIM का यूज बैंक अकाउंट से पैसे निकालने और लोगों को ठगने के लिए किया जा रहा है. सरकार ऐसे फर्जी SIM पर जल्द रोक लगाना चाहती है. इसी वजह से रियल टाइम सिस्टम शुरू किया जा रहा है, ताकि फर्जी SIM का पता जल्दी लगाया जा सके. इसके साथ ही, सरकार लोगों को ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए कई और कदम भी उठा रही है.

