उत्तरकाशी : उत्तरकाशी में निर्माणाधीन 4.5 किलोमीटर लंबी सिल्क्यारा टनल में लैंडस्लाइड होने का मामला सामने आया है। जिसके बाद एक बार फिर श्रमिकों और टनल की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया गया है कि सुरंग में अब भी तीन लूज हिस्से चुनौती बने हुए हैं। जिन तीन लूज प्वाइंट को चिह्नित किया गया है, उनमें दो पर सुरक्षात्मक कार्य पूरा हो चुका है, जबकि एक हिस्से में काम जारी है।
इसी बीच सुरंग के भीतर भारी मलबा गिरने का वीडियो सामने आया है। हालांकि निर्माण कंपनी का दावा है कि वीडियो कुछ दिन पुराना है और बड़कोट साइड से करीब 1300 मीटर वाले लूज हिस्से का हैं जहां पर काम चल रहा है।
नवंबर 2023 की घटना की याद
इस घटना ने एक बार फिर नवंबर 2023 की घटना की याद दिला दी है। जब इसी सिल्क्यारा सुरंग में 41 मजदूर 17 दिनों तक फंसे रहे थे। सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद सुरंग की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे थे। इस बीच पिछले जुलाई माह 2026 में कंक्रीट का हिस्सा गिरने से मजदूर की मौत हो गई थी।
टनल में 3 लूज हिस्से चिह्नित
नवयुवा प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीराम ने बताया कि टनल में 3 लूज हिस्से चिह्नित किए गए थे जिसमें सिल्क्यारा की तरफ से 112 मीटर तथा बड़कोट की तरफ से 700 और 1300 मीटर पर लूज प्वाइंट चिह्नित किए गए थे। सिल्क्यारा 112 और बड़कोट 700 मीटर वाले हिस्सों में रॉक बोल्ट, ग्राउट और सीमेंट ग्राउटिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं 1300 मीटर वाले हिस्से में सुरक्षात्मक और रेक्टिफिकेशन का कार्य जारी है। निर्माण कंपनी ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताते हुए किसी बड़े खतरे की आशंका से इनकार किया है।
मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
परियोजना प्रबंधन ने सुरंग का काम मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। बता दें कि चारधाम सड़क परियोजना के तहत यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का काम चल रहा है। करीब 4.5 किलोमीटर लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का निर्माण वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। वर्ष 2024 में सुरंग को आर-पार किया गया था। वर्तमान में करीब 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा होने की बात कही जा रही है।

