नई दिल्ली : दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों की जिंदगियों के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बड़े और खतरनाक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपी कैंसर की बेहद महंगी और जीवन रक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने के साथ-साथ बाजार में नकली दवाएं भी सप्लाई कर रहे थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस रैकेट के तहत बाजार में 1 लाख रुपये तक की भारी-भरकम कीमत पर बिकने वाले ‘एवालुमैब’ जैसे महंगे इंजेक्शनों में दवा के नाम पर सिर्फ पानी भरा मिल रहा था। कैंसर पीड़ितों के लिए ये इंजेक्शन बेहद जरूरी होते हैं और ऐसे में नकली या पानी वाले इंजेक्शन बेचना मरीजों की जान के साथ सीधा खिलवाड़ है।
पुलिस के मुताबिक यह कोई छोटा-माोटा घोटाला नहीं बल्कि एक इंटर-स्टेट (अंतर-राज्यीय) रैकेट था जो देश के 7 अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था। इस गिरोह के लोग न केवल नकली दवाएं तैयार कर रहे थे बल्कि अस्पतालों और सरकारी सप्लाई से चोरी या निकाली गई एंटी-कैंसर दवाओं को भी अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेच रहे थे।
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने देश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी की और इस रैकेट में शामिल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नकली और अवैध एंटी-कैंसर दवाएं भी जब्त की हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के तार और कहां-कहां जुड़े हैं और इसमें कौन-कौन से बड़े अस्पताल या लोग शामिल हो सकते हैं।

