श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की पार्टी के अंदर बगावत शुरू हो गई है। यह बगावत अब खुलकर सामने आ गई है। श्रीनगर से पार्टी के लोकसभा सांसद आगा रुहुल्लाह से पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने इस्तीफा मांगा है। वहीं फारूक अब्दुल्ल की इस मांग पर रुहुल्लाह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर कुछ दिनों में विस्तार से अपनी बात रखेंगे। उन्होंने कहा कि यह संभव नहीं है कि डॉ. साहब इस उम्र में कुछ मांगें और मैं उन्हें खाली हाथ लौटा दूं। मैं कुछ दिनों में इस बारे में विस्तार से बात करूंगा।
उमर सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं रुहुल्लाह
आगा रुहुल्लाह जम्मू-कश्मीर में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के मुखर आलोचक रहे हैं। वह कई मौकों पर सरकार पर अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनावों से पहले जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रहने का आरोप लगा चुके हैं। रुहुल्लाह ने श्रीनगर और नई दिल्ली में समानांतर कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। इन कार्यक्रमों में उन्होंने मुख्य रूप से आरक्षण और अनुच्छेद 370 की बहाली जैसे मुद्दे उठाए हैं। उनके रुख को लेकर पार्टी के भीतर भी असहमति सामने आती रही है।
2024 में श्रीनगर से जीते थे लोकसभा चुनाव
आगा रुहुल्लाह ने 2024 के लोकसभा चुनाव में श्रीनगर निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज की थी। उन्हें कुल 3,56,866 वोट मिले थे, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के उम्मीदवार वहीद पारा को 1,68,450 वोट मिले थे। रुहुल्लाह के लगातार सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के कुछ विधायकों ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। पार्टी के विधायकों ने उन पर स्वार्थपूर्ण तरीके से एजेंसियों के एजेंडे पर काम करने का आरोप लगाया था।
फारूक ने दी इस्तीफा देने की चुनौती
इस पूरे विवाद के बीच नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने आगा रुहुल्लाह को लोकसभा सदस्य के पद से इस्तीफा देने और दोबारा जनता के बीच जाकर जनादेश हासिल करने की चुनौती दी है। फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि रुहुल्लाह खुद को एक बड़ा नेता बनाना चाहते हैं, लेकिन वह गलत रास्ते पर हैं। उन्होंने उन्हें सही रास्ता खोजने के लिए कुरान का पालन करने की सलाह भी दी। फारूक ने कहा कि मैं उनसे संसद की सीट से इस्तीफा देने और फिर से जनादेश मांगने के लिए कह रहा हूं। देखते हैं कि उन्हें कौन वोट देगा। सब कुछ आपके सामने स्पष्ट हो जाएगा।
मैं उनसे संसद की सीट से इस्तीफा देने और फिर से जनादेश मांगने के लिए कह रहा हूं। देखते हैं कि उन्हें कौन वोट देगा। सब कुछ आपके सामने स्पष्ट हो जाएगा।
फारूक अब्दुल्लाफारूक ने 1984 की घटना का दिया हवाला
फारूक अब्दुल्ला ने रुहुल्लाह को वर्ष 1984 की घटना से सबक लेने की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि उस समय 14 लोगों ने उनकी सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन आज उनका कोई राजनीतिक अस्तित्व नहीं है। NC अध्यक्ष ने कहा कि रुहुल्लाह को उन लोगों के साथ हुए घटनाक्रम से सावधान रहना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि रुहुल्लाह को अपनी इच्छा के मुताबिक काम करने का पूरा अधिकार है।

