Screen Time Effects On Children: आज मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है. पढ़ाई से लेकर नौकरी और दूसरे कामों तक हर जगह मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल हो रहा है. लेकिन जरूरत के अलावा लगातार मोबाइल पर समय बिताने और तरह-तरह का कंटेंट देखने की आदत अब बच्चों और युवाओं के व्यवहार पर भी असर डाल रही है. स्क्रीन पर ज्यादा समय बिताने से उनकी दिनचर्या बदल रही है और इसका असर उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है. इसी मुद्दे को लेकर लोकल-18 ने मेडिकल कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर डॉ. तरुण पाल से बातचीत की.
बच्चों के व्यवहार में तेजी से आ रहा बदलाव
डॉ. तरुण पाल ने बताया कि मानसिक समस्याओं से जुड़े मरीज बड़ी संख्या में उनके पास पहुंच रहे हैं. इनमें अब बच्चों और युवाओं की संख्या भी बढ़ रही है. खासकर छोटे बच्चों के व्यवहार में पहले के मुकाबले तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है. इसके पीछे आधुनिक तकनीक और मोबाइल का बढ़ता इस्तेमाल भी एक वजह है.
उन्होंने बताया कि कई अभिभावक बच्चों में बदलाव देखकर उन्हें लेकर इलाज और सलाह के लिए पहुंच रहे हैं. उनका कहना है कि माता-पिता बच्चों की सही तरीके से निगरानी नहीं कर पा रहे हैं. स्कूल का होमवर्क पूरा करने के बाद बच्चे बाहर खेलने या परिवार के साथ समय बिताने के बजाय मोबाइल पर ज्यादा समय देने लगते हैं. धीरे-धीरे उन्हें मोबाइल और उसमें दिखने वाली दुनिया की आदत लग जाती है.
बच्चों के साथ समय बिताना जरूरी
डॉ. तरुण पाल के मुताबिक अभिभावकों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और बच्चों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए. बच्चों से बातचीत करने और उनकी जरूरतों को समझने से उन्हें परिवार और समाज की अहमियत समझने में मदद मिलेगी. केवल बच्चे को व्यस्त रखने के लिए मोबाइल देना सही तरीका नहीं है.
उन्होंने कहा कि बच्चों को खेल-कूद के लिए भी प्रोत्साहित करना चाहिए. खेल बच्चों के मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है. अगर बच्चों का मोबाइल स्क्रीन टाइम कम किया जाए और उनकी दिनचर्या में खेल व परिवार के साथ समय बढ़ाया जाए तो उनके व्यवहार में आने वाले बदलाव में धीरे-धीरे सुधार देखा जा सकता है.
खान-पान पर भी ध्यान देने की जरूरत
डॉ. तरुण पाल ने बताया कि आज बच्चों के खान-पान में भी बदलाव देखने को मिल रहा है. कई बच्चे अपने खाने-पीने पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते, जिससे अभिभावक भी परेशान रहते हैं. ऐसे में माता-पिता को बच्चों के साथ समय बिताने के साथ उनकी जरूरतों और खान-पान का भी ध्यान रखना चाहिए.
वायरल होने की चाह में गलत कंटेंट
उन्होंने बताया कि मोबाइल और सोशल मीडिया की दुनिया का असर युवाओं की आदतों और रहन-सहन में भी दिखाई दे रहा है. हेयर स्टाइल से लेकर कपड़ों और खान-पान तक में बदलाव देखने को मिलता है. कई बार युवा खुद को वायरल करने के लिए गलत या जोखिम भरे कंटेंट पर वीडियो बनाने लगते हैं. ऐसे मामलों में उनकी जान तक खतरे में पड़ सकती है.
बचपन से मोबाइल की आदत पर ध्यान जरूरी
डॉ. तरुण पाल के मुताबिक बच्चों का बचपन से ही मोबाइल और लगातार ऑनलाइन कंटेंट की ओर बढ़ना आगे चलकर उनकी सोच और व्यवहार को प्रभावित कर सकता है. इसलिए बच्चों को शुरू से ही मोबाइल के इस्तेमाल की सही आदत डालना जरूरी है. उन्होंने कहा कि खासकर एकल परिवारों में रहने वाले माता-पिता को बच्चों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए. बच्चों के साथ बातचीत, खेल और परिवार के लिए समय निकालना जरूरी है, ताकि वे केवल मोबाइल की दुनिया तक सीमित न रहें.

