कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने न्यायमूर्ति रवींद्र विठ्ठलराव घुगे को कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद की बुधवार को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद मुख्य न्यायाधीश ने अपने संबोधन में लंबित मामलों से निपटने और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि इस महान संस्थान में अंतिम हितधारक आम लोगों का विश्वास अडिग रहे। अदालत कक्ष-एक में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस सहित कई लोग उपस्थित थे। इस दौरान ममता बनर्जी ने भी चीफ जस्टिस को बधाई दी।
रवींद्र विट्ठलराव घुगे का जन्म 1966 में हुआ था। वह मूलता महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। उनकी मां का नाम मीना और पिता का नाम प्रो. विट्ठलराव घुगे था। रवींद्र घुगे डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर रहे हैं।
कोल्हापुर के कॉलेज से पढ़ाई
महाराष्ट्र में पढ़ाई-लिखाई वाले माहौल में उनका शुरुआती जीवन बीता। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा कोल्हापुर के सेंट जेवियर्स हाई स्कूल से पूरी की। उसके बाद महाराष्ट्र से ही कानून की पढ़ाई की। उन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शाहूजी लॉ कॉलेज और छत्रपति संभाजीनगर (पहले औरंगाबाद) के एम.पी. लॉ कॉलेज में पढ़ाई करने के बाद 1990 में लॉ की डिग्री हासिल की।
लेबर लॉ में विशषज्ञता
रवींद्र घुगे ने एलएलबी करने के बाद 1990 में वकील के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया। उन्होंने प्रैक्टिस शुरू की। शुरुआत में उन्होंने लेबर लॉ (श्रम कानून) में महारत हासिल की और मजदूरों के लिए 2000 से ज्यादा केस लड़े। बाद में उन्होंने कॉर्पोरेट लॉ में भी काम किया और मल्टीनेशनल कंपनियों और बार काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रतिनिधित्व किया।
लॉ यूनिवर्सिटी में रहे कॉन्ट्रिब्यूटरी प्रोफेसर
वकालत के करियर के साथ-साथ, उन्होंने 2005 से 2008 तक डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में PG LL.M कोर्स के लिए कॉन्ट्रिब्यूटरी प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया। उन्होंने पांच साल तक बार एसोसिएशन ऑफ़ इंडस्ट्रियल लॉयर्स, औरंगाबाद के सेक्रेटरी और जुलाई 2010 से दिसंबर 2011 तक इसके प्रेसिडेंट के तौर पर भी काम किया।[4]
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बने
उनका न्यायिक करियर 21 जून 2013 को बॉम्बे हाई कोर्ट में एडिशनल जज के तौर पर नियुक्ति के साथ शुरू हुआ। 2 मार्च 2016 को वह परमानेंट जज बने। न्यायपालिका में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की वकालत करने के लिए पहचाने जाने वाले रविंद्र घुगे को 2 जून 2026 को बॉम्बे हाई कोर्ट का एक्टिंग चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया, जब तत्कालीन चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में प्रमोट किया गया।
6 अगस्त 2026 को, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें कलकत्ता हाई कोर्ट का परमानेंट चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की। सरकार ने 5 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी गई। पश्चिम बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने 9 सितंबर 2026 को उन्हें पद की शपथ दिलाई।

