अमरावती: आंध्र प्रदेश में लगातार घट रहे प्रजनन दर पर चिंता जताते हुए सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने एक बार फिर लोगों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की। बुधवार को कोनासीमा की एक रैली में उन्होंने कहा कि परिवारों को बच्चों की परवरिश को बोझ नहीं समझना चाहिए। लोग सोचते हैं कि बच्चे पैदा करना मुश्किल है, लेकिन बच्चे हमारी संपत्ति हैं। सीएम नायडू ने चेतावनी दी कि घटती आबादी भविष्य में गंभीर चुनौतियां पैदा कर सकती हैं, इसलिए अब नजरिया बदलने की जरूरत है।
नायडू ने बताया कि क्यों बदली उनकी राय
कोनासीमा में आयोजित रैली में चंद्राबाबू नायडू ने अपनी सोच बदलने के बारे में भी बताया। आंध्र के सीएम ने माना कि जब भारत की आबादी तेजी से बढ़ रही थी, तब उन्होंने आबादी को नियंत्रित करने के उपायों का समर्थन किया था। मगर अब उनकी राय बदल चुकी है। आंध्र प्रदेश का फर्टिलिटी रेट गिरकर लगभग 1.5 हो गई है, जो राष्ट्रीय स्तर 2.1 से काफी कम है। आज आबादी तेजी से घट रही है और कई देशों को नुकसान उठाना पड़ा है। अब मैं ही आपसे कह रहा हूं कि हमें आबादी बढ़ाने की जरूरत है।
परवरिश के डर से कम बच्चे पैदा कर रहे युवा
चंद्राबाबू नायडू ने फैमिली प्लानिंग को लेकर युवाओं के नजरिये का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा अब बहुत से लोग कम बच्चे पैदा करते हैं। कई लोग तो बच्चे पैदा नहीं करने का फैसला कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि बच्चों की परवरिश करना मुश्किल काम है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर परिवार में बच्चे ही नहीं होंगे, तो हमें मशीनों की सेवा करनी पड़ेगी। आबादी के बूढ़े होने से आगे चलकर काम करने वाले लोगों की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है और आर्थिक चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। आंध्र की औसत उम्र 32.5 साल है, जबकि भारत की औसत उम्र 28 साल है।
हालात नहीं सुधरे तो आंध्र में बुजुर्ग ही बचेंगे
बता दें कि आंध्र प्रदेश की एनडीए सरकार ने बच्चे पैदा करने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने के लिए कई घोषणाएं की हैं। आंध्र प्रदेश सरकार तीसरे बच्चे के लिए 30 हजार रुपये और चौथे बच्चे के लिए 40 हजार रुपये देगी। राज्य के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सत्य कुमार यादव भी पहले घटती जनसंख्या दर पर चिंता जता चुके हैं। रिपोर्टस के मुताबिक आंध्र में 14 साल से कम उम्र के बच्चों की संख्या 2011 में 25 प्रतिशत थी, जो 2036 तक घटकर 15 प्रतिशत हो सकती है।इसी दौरान 60 साल और उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की संख्या लगभग दोगुनी होकर 10 प्रतिशत से 19 प्रतिशत हो जाएगी।

