बाहरी दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली की दीवारों पर प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) के समर्थन में कथित तौर पर नारे लिखने के मामले में आउटर नार्थ जिला पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों में मास्टरमाइंड भी शामिल है, जो विदेश में बैठे हैंडलर के संपर्क में था और कथित तौर पर विदेश से फंडिंग हासिल कर भारत में एसएफजे की गतिविधियां संचालित कर रहा था।
मास्टरमाइंड विदेशी हैंडलर के संपर्क में
पुलिस के अनुसार, मामले में गिरफ्तार मास्टरमाइंड विदेश में बैठे हैंडलर के संपर्क में था। पुलिस का दावा है कि उसे विदेश से फंडिंग मिल रही थी और वह भारत में एसएफजे की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
मामले में पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ कर रही है, ताकि इस गतिविधि के पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
ब्रिक्स सम्मेलन से पहले लिखे गए नारे
मामला स्पेशल सेल के थाना क्षेत्र में दर्ज एफआइआर संख्या 206/26 से जुड़ा है। ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क थीं। इसी दौरान दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में दीवारों पर सम्मेलन विरोधी और आपत्तिजनक नारे लिखे जाने की सूचना मिली।
इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और संदिग्धों की पहचान करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया।
विदेशी फंडिंग और नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दीवारों पर नारे लिखवाने की साजिश में और कौन लोग शामिल थे। विदेश से भेजी गई रकम और विदेशी हैंडलर से आरोपितों के संपर्क की भी जांच की जा रही है।
इसके साथ ही दिल्ली में एसएफजे के नेटवर्क और उसकी गतिविधियों से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

