नई दिल्ली। ब्रिक्स समिट 2026 (BRICS Summit 2026) का आगाज आज शनिवार, 12 सितंबर से हो गया है। इन दो दिनों के शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेता शामिल हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई नेताओं का स्वागत किया।

पीएम मोदी के बैकड्रॉप में रामनाथस्वामी मंदिर

ब्रिक्स समिट में हर तरफ भारत की संस्कृति को दुनिया के सामने लाया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने जहां सभी नेताओं का इस शिखर सम्मेलन के लिए स्वागत किया, वहां भी भारत की अद्भुत विरासत का दृश्य देखने को मिला।

पीएम मोदी ने तमिलनाडु के रामेश्वरम में मशहूर रामनाथस्वामी मंदिर के सामने दुनिया के सभी बड़े नेताओं का स्वागत किया। साथी ही उन्हें मंदिर की सांस्कृतिक व स्थापत्य कला की विरासत से परिचित कराया।

पीएम मोदी, शी चिनफिंग रामेश्वरम के रामनाथस्वामी मंदिर के बारे में चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग को बताते भी नजर आए। दोनों का साथ में बात करते हुए वीडियो भी सामने आया है। वहीं पीएम ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को भी रामेश्वरम के मंदिर के बारे में बताया।

शिव मंदिर- भारत की अनूठी विरासत

रामनाथस्वामी मंदिर तमिलनाडु के रामेश्वरम द्वीप पर स्थित भगवान शिव का अति प्राचीन और पवित्र हिंदू मंदिर है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों और चार धामों में से एक है।

माना जाता है कि मोक्ष की खोज में वाराणसी और रामेश्वरम दोनों की तीर्थयात्रा किए बिना किसी भी हिंदू की यात्रा पूरी नहीं मानी जाती। लोककथाओं में 14 साल के वनवास के बाद भगवान राम के इस भूमि पर आने का जिक्र मिलता है।

स्थानीय मान्यता है कि भगवान राम ने रामेश्वरम में ही भगवान शिव की पूजा की थी, जिसके बाद ही वे लंका पहुंचने के लिए समुद्र पर किनारों के पत्थरों से एक सेतु बना पाए थे।

यहां के 22 ‘तीर्थों’ या प्राकृतिक झरनों में स्नान करने को आत्मज्ञान की ओर एक कदम माना जाता है। इसीलिए, रामेश्वरम को देश के प्रमुख राष्ट्रीय तीर्थ स्थलों में से एक घोषित किया गया है।

रामनाथस्वामी मंदिर अपने आप में हर पर्यटक के लिए आकर्षण का केंद्र है। अपनी शानदार और भव्य संरचना, लंबे गलियारों और कलात्मक रूप से नक्काशीदार खंभों के साथ, यह मंदिर 38 मीटर ऊंचे ‘गोपुरम’ से सुसज्जित है।

पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र ये शिव मंदिर

रामनाथस्वामी मंदिर अपने आप में हर पर्यटक के लिए आकर्षण का केंद्र है। अपनी शानदार और भव्य संरचना, लंबे गलियारों और कलात्मक रूप से नक्काशीदार खंभों के साथ, यह मंदिर 38 मीटर ऊंचे ‘गोपुरम’ से सुसज्जित है।

इस मंदिर का निर्माण 12वीं सदी से विभिन्न शासकों ने किया। सेतुपति मारवर ने भव्य रामनाथस्वामी मंदिर का निर्माण शुरू किया था, जिसमें ‘तीसरा गलियारा’ भी शामिल है। इसे उनके उत्तराधिकारी मारवर ने पूरा किया था।

यह एशिया का सबसे लंबा गलियारा है, जिसकी लंबाई पूर्व से पश्चिम तक 197 मीटर और दक्षिण से उत्तर तक 133 मीटर है और यह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा गलियारा है।

माना जाता है कि स्वामी विवेकानंद ने 1897 में इस मंदिर में पूजा की थी। यह बारह ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है, जहां शिव की पूजा ज्योतिर्लिंग के रूप में की जाती है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version