नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने कमेंटेटर रवि शास्त्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति के मुरीद हो गए हैं। भारत की अध्यक्षता में 12-13 सितंबर को आयोजित हो रहे इस दो दिवसीय वैश्विक सम्मेलन के दौरान रवि शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। रवि शास्त्री ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक साथ पौधे लगाते नजर आ रहे हैं। इस ऐतिहासिक तस्वीर को शेयर करते हुए शास्त्री ने वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते दबदबे और पीएम मोदी के कूटनीतिक कौशल का लोहा माना।
रवि शास्त्री का भावुक पोस्ट
पूर्व भारतीय मुख्य कोच रवि शास्त्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘एक भारतीय के रूप में आज जितना गर्व मुझे महसूस हो रहा है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति जिनपिंग और हमारे शानदार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मदर इंडिया की धरती पर एक साथ हैं। ऐसी अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पहले कभी देखने को नहीं मिली। टेक अ बो, मोदी जी।’ भारत के लिए 80 टेस्ट और 150 वनडे खेलने वाले रवि शास्त्री पूर्व में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के मुख्य कोच रह चुके हैं और वर्तमान में विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े कमेंटेटर्स में शुमार हैं।
नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 पर बनी सहमति
भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” (लचीलापन, नवाचार, सहयोग और निरंतरता के लिए निर्माण) रखी गई है। सम्मेलन के पहले दिन यानि कि शनिवार को ब्रिक्स नेताओं ने सर्वसम्मति से नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को अपनाया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सहमति को अधिक व्यापक और मजबूत उद्देश्य वाले ब्रिक्स का प्रतीक बताया। रविवार को शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात देशों के टॉप नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। पीएम मोदी दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के अलावा कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेताओं के साथ अहम चर्चा करेंगे।
11 सदस्यों और 10 पार्टनर देशों का महासंगम
गौरतलब है कि ब्रिक्स समूह का लगातार विस्तार हो रहा है। वर्तमान में इस समूह में 11 सदस्य देश शामिल हैं, भारत, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात। इसके अलावा 10 पार्टनर देश नाइजीरिया, बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

