भारतीय आईटी शेयरों में भारी खरीदारी से आज मंगलवार को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 588 अंक की बढ़त के साथ 75,369 पर खुला। शुरुआती कारोबार में सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर यह 0.32 फीसदी या 236 अंक की बढ़त के साथ 75,018 पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इस समय 0.22 फीसदी या 51 अंक की बढ़त के साथ 23,449 पर ट्रेड करता दिखा।

आईटी शेयरों में आई भारी खरीदारी

मंगलवार सुबह आईटी शेयरों में भारी तेजी देखने को मिली। सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर निफ्टी आईटी इंडेक्स 4.90 फीसदी की बढ़त के साथ 30,338 पर ट्रेड करता दिखा। एचसीएल टेक का शेयर 6.69 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा। इसी तरह इन्फोसिस में 5.04 फीसदी, टीसीएस में 5.20 फीसदी, टेक महिंद्रा में 5.65 फीसदी, कोफोर्ज में 1.18 फीसदी और विप्रो में 2.89 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

क्यों आई आईटी शेयरों में तेजी?

सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि सिंह के अनुसार, AI के विकास की रफ्तार धीमी करने की अपील ने भारतीय IT शेयरों में नई जान फूंक दी है। दरअसल, दुनिया की बड़ी एआई कंपनियों के प्रमुखों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की रफ्तार पर लगाम लगाने और इसके इस्तेमाल को ज्यादा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की बात कही है। बाजार में इसे भारतीय आईटी कंपनियों के लिए राहत के तौर पर देखा गया। एआई को लेकर यह पूरा मामला Anthropic के सीईओ Dario Amodei की टिप्पणी से शुरू हुआ। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट में एआई कंपनियों से मॉडल की क्षमता बढ़ाने की रफ्तार धीमी करने की अपील की।

Amodei ने एआई के गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि आने वाले समय में एआई एजेंट इतने सक्षम हो सकते हैं कि वे इंटरनेट के बड़े हिस्से को अपने नियंत्रण में लेने की क्षमता हासिल कर लें। इससे भारी आर्थिक नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है। xAI चलाने वाले एलन मस्क और ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने भी Amodei की चिंता से सहमति जताई। मस्क ने कहा कि Amodei की बात सही है और वह लंबे समय से एआई के संभावित खतरों को लेकर चेतावनी देते रहे हैं।

वहीं, सैम ऑल्टमैन ने कहा कि एआई कंपनियों को एआई विकास की सीमा को लेकर ज्यादा सावधानी से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने एआई से जुड़े दो बड़े खतरों की ओर इशारा किया। पहला, इंसान भविष्य पर एआई का कंट्रोल खो सकते हैं। दूसरा, एआई की ताकत कुछ कंपनियों या देशों के हाथों में बहुत ज्यादा केंद्रित हो सकती है।

आईटी कंपनियों से कम हुआ दबाव

भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिकी ग्राहकों से आता है। ऐसे में एआई के कारण इन कंपनियों के पारंपरिक आईटी कारोबार पर पड़ने वाले दबाव को लेकर निवेशक लंबे समय से चिंतित हैं। लेकिन अगर एआई का इस्तेमाल ज्यादा नियंत्रित और नियमों के तहत होता है, तो भारतीय आई कंपनियों को इसका फायदा मिल सकता है।

सेक्टोरल सूचकांकों का हाल

सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो शुरुआती कारोबार में सबसे अधिक तेजी निफ्टी आईटी में 4.90 फीसदी देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी में 0.93 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 0.10 फीसदी और निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 1.21 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इससे इतर सबसे अधिक गिरावट निफ्टी केमिकल्स में 1.01 फीसदी दिखाई दी। इसके अलावा, निफ्टी सीमेंट में 0.58 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल फाइनेंशियल सर्विसेस में 0.88 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.22 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.37 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 0.91 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.65 फीसदी और निफ्टी मेटल में 0.93 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।

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