रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिल्ली दौरे के कई मायने निकाले जा रहे है। इस संबंध में राजनीतिक कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के ढाई साल वाला फार्मूला संबंधी बयान सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर गर्मी ला दी है। आपको बता दें कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बिलासपुर दौरे के दौरान उन्होंने पत्रकारों से चर्चा में ढाई साल मुख्यमंत्री वाले संबंधी सवाल के जवाब में कहा कि इस संबंध में यहां बोलने से विवाद की स्थिति बन जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य की राजनीति में हाईकमान जो भूमिका सौंपेंगे उस पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। स्वास्थ्य मंत्री के बयान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दिल्ली दौरा के संबंध में राजनीतिक जानकारों के अपने अलग-अलग नजरिये है। उल्लेखनीय है कि इसके पहले भी ढाई साल मुख्यमंत्री वाले बयान को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा चुकी है। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बीच शीत युद्ध जैसा माहौल देखने को मिल चुका है। यह बात सभी को ज्ञात है कि छत्तीसगढ़ में सत्ता में वापस आने के लिए कांग्रेस ने इन्ही दो नेताओं के कुशल नेतृत्व में कड़ी मेहनत की और सफलता भी पाई। लेकिन अब जो देखने को मिल रहा है वह यह है कि इन दोनो नेताओं के बीच वैचारिक मतभेद कहीं ना कहीं उभर कर सामने आ ही जाते है। ऐसा कई बार हुआ है जब मीडिया के सामने स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य सरकार के कुछ निर्णयों का विरोध कर जाते है। हांलाकि अभी तक ऐसा नहीं हुआ है ये दोनों नेता आमने-सामने आ गये हो, लेकिन इन दोनों नेताओं के हाव-भाव तो कुछ यही बयां करते है।
