बीजेपी नेता और बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने आठ विधान परिषद सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर RJD और कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भले ही दोनों पार्टियां गठबंधन की बैठकों में साथ दिखती हैं, लेकिन MLC चुनाव में वे अलग-अलग उम्मीदवार उतार रही हैं। जायसवाल ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा किए गए तिरस्कार और अपमान के कारण तेजस्वी यादव छह दिनों तक अपने घर से बाहर नहीं निकले थे। इसके अलावा, जायसवाल ने SIR का समर्थन करते हुए कांग्रेस पर सत्ता के लिए देश विरोधी ताकतों से हाथ मिलाने का आरोप लगाया।
बैठकों में गले मिलते हैं लेकिन चुनाव अलग-अलग लड़ते हैं – दिलीप जायसवाल
MLC चुनाव में अलग-अलग उम्मीदवार उतारने पर RJD और कांग्रेस पर तंज कसते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि असलियत यह है कि गठबंधन की बैठकों में दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे से गले मिलते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर चुनाव लड़ने की बात आने पर वे अलग-अलग रास्ते चुनते हैं। यह उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है | विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि जब बिहार विधानसभा का चुनाव हो रहा था, तो उस समय राहुल गांधी ने जिस तरह तेजस्वी यादव का तिरस्कार किया और उन्हें बेइज्जत किया था, उससे परेशान होकर तेजस्वी यादव छह दिनों तक अपने घर से बाहर तक नहीं निकले थे। इसलिए विपक्ष को पहले अपने चरित्र और अंतर्विरोधों पर बात करनी चाहिए।
NDA पूरी तरह एकजुट – दिलीप जायसवाल
वहीं, NDA की चुनावी रणनीति के बारे में जायसवाल ने कहा कि जदयू, भाजपा और पूरा NDA गठबंधन अपने आधिकारिक MLC उम्मीदवारों के लिए प्रचार करते समय पूरी तरह एकजुट और मजबूत है।
गौरतलब है कि बिहार में शिक्षकों और स्नातकों के लिए आरक्षित विधान परिषद की आठ सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होना है। इनमें से चार सीटों पर कांग्रेस ने RJD के उम्मीदवारों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारे हैं। वहीं, NDA ने भी सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जिसमें भाजपा और जदयू ने चार-चार उम्मीदवार खड़े किए हैं।
CEC के विरोध पर कांग्रेस को घेरा
मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के विरोध पर आपत्ति जताते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि सत्ता से बाहर होने के कारण कांग्रेस अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता के लिए पूरी तरह बेचैन हो गई है। वह भ्रामक प्रचार फैलाकर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को निशाना बना रही है और पूरे देश को अस्थिर करना चाहती है। जायसवाल ने कहा कि सत्ता के पागलपन में देश विरोधी ताकतों के साथ हाथ मिलाना अब कांग्रेस की आदत बन गई है। सड़कों पर हो रहे इन तथाकथित आंदोलनों और साजिशों के पीछे सिर्फ और सिर्फ सत्ता की बेचैनी है।
SIR को लेकर कांग्रेस से किया सवाल
SIR की प्रक्रिया पर विपक्ष को जवाब देते हुए मंत्री दिलीप जायसवाल ने सवाल किया कि क्या चुनाव आयोग का वोटर लिस्ट से मरे हुए लोगों के नाम हटाना कानूनी और प्रशासनिक रूप से सही कदम नहीं है? उन्होंने सवाल किया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अगर किसी वोटर का नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज है, तो क्या एक जगह से उसका नाम नहीं हटाया जाना चाहिए?
जायसवाल ने आगे पूछा कि जब बूथ लेवल अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की और स्थानीय लोगों ने बताया कि संबंधित व्यक्ति पिछले दस सालों से वहां नहीं रह रहा है, तो क्या उस व्यक्ति का नाम लिस्ट से नहीं हटाया जाना चाहिए?
जायसवाल ने चुनाव आयोग की प्रक्रियाओं का विरोध करने के लिए कांग्रेस पार्टी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस संविधान का सम्मान नहीं करती है। उन्होंने कहा कि देश के 1.4 अरब नागरिक अच्छी तरह समझते हैं कि कांग्रेस जो नाटक कर रही है, वह सिर्फ हताशा और सत्ता की भूख का नतीजा है।

