Foreign Devotees In Gaya: पितृपक्ष शुरू होते ही गया समेत देश में अन्य पवित्र तीर्थ स्थान पर श्रद्धालु पहुंच गए. पितृपक्ष में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं. बिहार के गया में बड़ी संख्या में लोग पिंडदान करने के लिए पहुंचे हैं, इनमें सिर्फ भारत के कोने-कोन से ही लोग नहीं आए, बल्कि विदेश से भी लोग पिंडदान करने के लिए पहुंचे. इस साल पितृ पक्ष 2026 के मौके पर रूस, जर्मनी, इटली, स्पेन, पुर्तगाल नीदरलैंड समेत कई देशों से आए 48 विदेशी तीर्थयात्रियों ने देवघाट पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए पूरे विधि-विधान के साथ पिंडदान किया.
गया पहुंचे 48 विदेशी श्रद्धालु
विदेशी तीर्थयात्रियों के साथ के एक पुरोहित ने बताया कि विदेश से आए श्रद्धालु गया के वातावरण और यहां की व्यवस्थाओं से काफी संतुष्ट हैं. सरकार और प्रशासन की ओर से सुरक्षा और सहयोग की जो व्यवस्था की गई है, उससे भी संतुष्ट हैं. पुरोहित के अनुसार, इस बार कुल 48 विदेशी श्रद्धालु पिंडदान के लिए आए हैं.
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पिंडदान कराना संभव नहीं होने के कारण उन्हें तीन समूहों में बांटा गया है. पहले दिन 22 लोगों ने, दूसरे दिन 8 लोगों ने और तीसरे दिन बाकी के लोगों के पिंडदान का समय तय किया गया. ये सभी श्रद्धालु अपने दिवंगत परिजनों – किसी ने अपने पति को खोया है, किसी ने अपने बच्चों को, तो किसी ने अपनी बहन या मां को – उनकी आत्मा की शांति के लिए इस मोक्ष भूमि पर आए हैं.
यूक्रेन की महिला बोली- भारत के आभारी हैं
गया पहुंची यूक्रेन की महिला ओलेक्सांद्रा ने कहा कि हम भारत के आभारी हैं कि आपने इतना सारा अच्छा स्वागत किया. यहां सब कुछ कितनी अच्छी तरह से व्यवस्थित किया गया है, ताकि हम भी यहां इसका अनुभव कर सकें, अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना कर सकें और यहां आने का यह अवसर पा सकें.

