दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी पर महिला के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे थे, जिन्हें दिल्ली पुलिस ने सिरे से खारिज कर दिया है. नई दिल्ली के एडिशनल डीसीपी मंजीत ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी दी है कि सोशल मीडिया पर दिखा जा रहा सीसीटीवी फुटेज फर्जी है और एआई से बनाया गया. वीडियो बनाकर वायरल करने वाले शख्स ने खुद यह बात कबूली है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
एडिशनल डीसीपी मंजीत ने जानकारी दी है कि सीसीटीवी फुटेज में एक सीनियर पुलिस अधिकारी महिला के साथ बदसलूकी करता दिख रहा है. यह वीडियो एक ‘न्यूज आईना’ नाम की इंस्टाग्राम आईडी से अपलोड किया गया है. पुलिस ने जब इस अकाउंट की जांच की तो पता चला कि यह आईडी नदीम नाम का कोई शख्स चलाता है. उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.
आरोपी नदीम पर चार धाराओं में FIR
एडिशनल डीसीपी ने बताया, “जब हमने नदीम से पूछताछ की तो पता चला वो वीडियो AI टूल्स से एडिट किया गया था. उसने बताया है कि दिल्ली पुलिस की छवि धूमिल करना और अशांति फैलाना उसका मकसद था. आरोपी नदीम अहमद के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज किया है. इनमें धारा 353 BNS – झूठी खबर फैलाकर लोक शांति/सार्वजनिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप. धारा 352 BNS- ऐसा काम करने का आरोप, जिससे शांति भंग होने के लिए उकसावे की स्थिति पैदा हो. धारा 336 BNS- जालसाजी (Forgery) से जुड़ी धारा. आरोपी के खिलाफ अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं, जिनकी जांच के दौरान पुलिस पड़ताल कर रही है.”

