लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं से 24 घंटे के नोटिस पर आंदोलन के लिए तैयार रहने का संदेश दिया है. जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल के दर्जे से हटाने के सरकार के फैसले का विरोध करते हुए उन्होंने साफ किया कि लोकतंत्र की बहाली की लड़ाई जारी रहेगी. राहुल गांधी ने कहा कि संस्थाएं साथ दें या नहीं, राजनीतिक और जनप्रतिरोध नहीं रुकेगा.

संस्थाओं से उम्मीद, लेकिन संघर्ष जारी रखने का संकल्पराहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को सुप्रीम कोर्ट, भारत के मुख्य न्यायाधीश और न्यायिक व्यवस्था पर पूरा सम्मान है. उन्हें उम्मीद है कि लोकतंत्र की रक्षा में संस्थाएं अपनी भूमिका निभायेंगी. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी संस्था की भूमिका हो या न हो, विपक्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा और अंततः जनता की ताकत की जीत होगी.

CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर तेज हुई राजनीति

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहा है. विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए ‘वोट चोरी’ के आरोप भी लगाये हैं. इसी मुद्दे पर आगे की रणनीति तय करने के लिए राहुल गांधी ने अपने 5, सुनेहरी बाग स्थित आवास पर विपक्षी नेताओं, छात्र कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के साथ चाय पर चर्चा की.

सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा विपक्ष का विरोध

सोमवार को विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया और अपनी मांगों को लेकर याचिका सौंपने की कोशिश की. विपक्ष का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार की रक्षा होनी चाहिए. जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में हटाने के फैसले ने इस विवाद को और तेज कर दिया है.

‘संस्थाएं साथ दें या नहीं, जनता का प्रतिरोध नहीं रुकेगा’

राहुल गांधी ने दोहराया कि विपक्ष लोकतंत्र की बहाली के लिए पीछे हटने वाला नहीं है. उन्होंने संकेत दिया कि आगे की रणनीति के तहत राजनीतिक दलों, छात्रों और नागरिक समाज के बीच समन्वय बनाकर आंदोलन जारी रखा जाएगा. विपक्ष ने साफ किया कि चुनावी निष्पक्षता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़े मुद्दों पर उसकी लड़ाई जारी रहेगी.

जंतर-मंतर को लेकर सरकार पर बरसा विपक्ष

आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने जंतर-मंतर का दर्जा खत्म किए जाने के फैसले को सरकार के डर का संकेत बताया. उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला दिखाता है कि सरकार विरोध की आवाज़ों से घबरा रही है. वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता डी राजा ने इस फ़ैसले की कड़ी आलोचना की और जंतर-मंतर को फिर से आधिकारिक प्रदर्शन स्थल बनाने के लिए संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया. विपक्षी नेताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को कमज़ोर करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

INDIA गठबंधन की बैठक में बनी आगे की रणनीति

राहुल गांधी के आवास पर हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, तेजस्वी यादव, डी. राजा, एमए बेबी, महुआ मोइत्रा, सागरिका घोष और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत समेत कई नेता शामिल हुए. सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन के नेताओं ने जंतर-मंतर का दर्जा खत्म करने के फैसले को स्वीकार नहीं करने और आने वाले दिनों में वहां मार्च करने की रणनीति पर चर्चा की.

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