रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट भाषण में रजककार विकास बोर्ड गठन की बात की है। रजककार विकास बोर्ड गठन से चाहे हमें जो भी फायदा हो इससे एक बात तो तय होती है कि इस समाज के पिछड़ेपन की ओर पहली बार शासन का ध्यान गया है और भविष्य में अपनी राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक व शैक्षिक पिछड़ेपन की ओर इसी प्रकार के ध्यान आकर्षित कराने में सुगमता होगी। हमारा समाज पिछड़ा वर्ग में आता है। परन्तु पिछड़ा वर्ग समाज में बहुत सारी जातियां हैं और सभी जातियों के विकास में बहुत सारा अंतर है। कुछ जातियाँ अभी भी अति पिछड़े की श्रेणी में है। पिछड़ा वर्ग स्वयं मांग करता है कि उन्हें पुन: वर्गीकृत कर पिछड़ा, अति पिछड़ा, मध्यम पिछड़ा आदि जैसे वर्गो में विभाजित किया जाय और सबका राजनीतिक, आर्थिक व शैक्षणिक सम्पन्नता पर शासन बारीकी से ध्यान देगी। छत्तीसगढ़ रजक समाज महासंघ के बहुप्रतीक्षित मांग रजककार विकास बोर्ड गठन की मांग को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट भाषण में किया। जिससे प्रदेश धोबी समाज में खुशी का माहौल है। सभी ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर धन्यवाद ज्ञापित किया है। जिसमें के.एल.निर्मलकर प्रदेश अध्यक्ष, राजा निर्मलकर, युवा प्रदेश अध्यक्ष, दिनेश निर्मलकर प्रदेश प्रवक्ता, विश्राम निर्मलकर महासचिव, आर.एल.मालवी कोषाध्यक्ष, ओ.पी.रजक उपाध्यक्ष, रजनी रजक लोक गयिका, विनय निर्मलकर, गरियाबंद से केशर निर्मलकर, राजकुमार निर्मलकर, अरविंद निर्मलकर, कवर्धा से गिरधर निर्मलकर, शिवकुमार निर्मलकर, महेश निर्मलकर, पुरषोतम निर्मलकर, बिलासपुर से रामेश्वर निर्मलकर, कमलेश निर्मलकर, कुलदीप रजक,पीयूष निर्मलकर, कोरबा से प्रदीप सोनसर्वे, सन्तोष कर्ष, मिलाप राम कर्ष ,जांजगीर से परमेश्वर निर्मले,गोपी बरेठ, अजय निर्मलकर, मुंगेली से दिनेश निर्मलकर, दिलीप रजक,काँकेर से रविशंकर नागे, गोपाल दुर्गाशी, धमतरी से भारत निर्मलकर, राजा रजक,बालोद से सुरेश निर्मलकर, भीमसेन निर्मलकर, दुर्ग से प्रेमशंकर निर्मलकर, राजेंद्र निर्मलकर, उमाशंकर निर्मलकर, डॉ धर्मेंद्र, राजनांदगांव कोमल रजक,देवानन्द निर्मलकर, पवन निर्मलकर, हेमंत निर्मलकर, सन्तोष रजक सहित सामाजिक लोग शामिल हैं।
