राजधानी को सुंदर बनाने के नाम पर वर्षों पुराने पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई। राजधानी में विकास के नाम पर ऑक्सीजन की फैक्टरी को बंद कर दिया गया। राजधानी में अब शहरी विकास के नाम पर पिछले तीन साल में हजारों पेड़ों की बलि दी जा चुकी है। राजधानी में पिछले एक साल की बात करें तो सड़क निर्माण कार्य, स्काई वॉक, ओवर ब्रिज के नाम पर 889 पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। वहीं यदि इसकी भरपाई की बात की जाए तो पौधरोपण का कार्य कागजों पर हुआ है। यदि हम पेड़ों के काटने की बात करें तो वर्ष 2016-17 में रायपुर-बिलासपुर के बीच बनने वाले राष्ट्रीय मार्ग पर 1536 पेड़ तथा फाफाडीह तेलीबांधा नयारायपुर छोटी रेलवे लाइन पर 945 पेड़ों की कटाई की जा चुकी है। वन विभाग अधिकारी का कहना है कि विकास कार्य के लिए अनुमति लेकर पेड़ काटे गए हैं। राजधानी में इस वर्ष करीब छह लाख पेड़ों का पौधरोपण करना है। मानसून सिर पर सवार हो गया है, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों द्वारा वर्तमान में जगह का चयन नहीं कर पाए हैं। अधिकारी सिर्फ कागजों पर पेड़ लगाने की गाथा गाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। राजधानी की भागती सड़कों को देखकर इतराने वाले लोग अब गर्मी, तेज धूप और शुद्ध पेयजल संकट की चपेट में आने लगे हैं। अगर पेड़ काटने पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में यह और भी गहराएगा।वन विभाग के मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2016-17 में प्रमुख पेड़ों की कटाई में पुलिस आवासीय परिसर में जल निकासी के नाम पर 27 पेड़, गोंदवारा गुढ़ियारी मार्ग 141, रामनगर कोटा मार्ग 47, डोमा रावांभाठा 154, रायपुर बिलासपुर मार्ग 1536, गुढ़ियारी गोगांव 13, रायपुर धमतरी सड़क 653, फाफाडीह, तेलीबांधा नया रायपुर रोड 945, उरकुरा सरोना बाईपास 179, रायपुर शहर के अंदर चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए 20 पेड़।वर्ष 2017-18 में पेड़ों की कटाई अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान टाटीबंध 5, जिला अस्तपाल पंडरी 11 नग, रायपुर रेलवे स्टेशन 2, सिटी कोतवाली से टिकरापारा चौक से पचपेड़ी नाका 46 पेड़, माना डूमरतराई मार्ग 322, रावांभाठा फिल्टर प्लांट 64, अग्रसेन चौक 14, नया रायपुर में 265 पेड़ काटे गए हैं।वर्ष 2018-19 में पेड़ों की कटाई रावांभाठा फिल्टर प्लांट 65, अग्रसेन चौक रामनगर 14, स्काई वॉक 13, नया रायपुर सेक्टर 12 में 265, नया रायपुर सेक्टर 28 में 249, डीबीएच रोड नया रायपुर 64, नया रायपुर सेक्टर 12 फेस वन 216 पेड़ों की बलि चढ़ा दी गई है। वन विभाग के अधिकारी हर वर्ष नए पौधे लगाने का लक्ष्य काफी रखते हैं और एन-केन प्रकारेण पौधे लगाए भी जाते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर कोई बंदोबस्त नहीं किए जाते। इस कारण पौधे या तो सूख जाते हैं। पिछले वर्षों में लगाए गए पौधों की सुरक्षा को लेकर कोई चिंतित नहीं है। ऐसे में हर वर्ष होने वाले पौधरोपण की सार्थकता पर सवालिया निशान लग रहा है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
Exit mobile version