शास्त्रों में पीपल वृक्ष की पूजा को बहुत ही लाभकारी परिणाम देने वाला बताया है। ऐसी मान्यता है कि इस वृक्ष में देवी-देवताओं का वास है और ये एक तरह से भगवान विष्णु का रूप है। अगर किसी व्यक्ति के जीवन में दुख, दर्द, कष्ट, बहुत है तो वह पीपल वृक्ष की पूजा करके अपने संकटों से मुक्ति पा सकता है। विधि-विधान के साथ की गई उपासना विशेष फल प्राप्त करवाती है, जैसे कि व्यक्ति का जीवन धन-धान्य, यश, वैभव, कीर्ति, ऐश्वर्य, सुख-समृद्धि से भर जाता है। अब बात करते है अगर 9 ग्रहों की कृपा हम पर हो जाए तो व्यक्ति का जीवन सुखों से भर जाता है। और वही अगर किसी भी ग्रह की टेढ़ी नजर हम पर हो तो हमारे जीवन में मुसीबतों का पहाड़ टूट सकता है। हमारी खुशियों को नजर लग सकती है और तो और सौभाग्य, दुर्भाग्य में बदल सकता है साथ ही जीवन आ रही सुगमता, अशुभता में बदल सकती है। तो अगर आपने 9 ग्रहों की कृपा पा ली तो समझ लीजिए आपको पैसा, शोहरत, परिवार, प्यार, मान-सम्मान, नौकरी और कारोबार में सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता।
ऐसे में कैसे पीपल से शांत होंगे 9 ग्रह। आइए जानते हैं –

  • पीपल के 11 पत्तों पर चंदन से श्रीराम लिखें और फिर इन पीपल के पत्तों की माला बनाकर हनुमान जी को चढ़ाएं। ऐसा करने से आपकी हर इच्छा पूरी हो जाएगी।
    -सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु ग्रह की कृपा एक साथ पाना चाहते हैं तो शनिवार के दिन एक आसान सा उपाय करना होगा। शनिवार शाम पीपल के पेड़ की जड़ में गाय का दूध मिला जल, चंदन और काले तिल अर्पित करें। पीपल के पेड़ में मिठाई भोग के रूप में चढाएं। उसके बाद पीपल के नीचे कुशा के आसन पर बैठकर गाय के घी का दीपक और धूप जलाएं।
    -अपनी तिजोरी पैसों से भरने के लिए शनिवार के दिन पीपल के अपने आप गिरे हुए साबुत पत्ते पर श्री लिखकर जेब में रखें। जब पत्ता सूख जाए तो फिर से दोबारा ये उपाय करें।
  • अगर बीमारी ठीक नहीं हो रही है तो रोगी के तकिए के नीचे पीपल की जड़ रख देनी चाहिए।
  • पीपल के नीचे बैठकर रविवार के दिन को छोड़कर रोज हनुमान चालीसा पढऩे से जीवन में आया बड़े से बड़ा संकट टल जाता है।
  • शनि की कृपा पाने के लिए हर रोज पीपल के पेड़ को कुछ समय के लिए जरूर छूएं।
Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
Exit mobile version