■ राज्य बनने के बाद 20 वर्षो का इंतजार खतम हुआ
■ 1अप्रेल से पूर्ण रूप से प्रारम्भ होने का भरोसा जताया
■ राज्य के पेंशनरों में हर्ष

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 20 वर्षो के बाद राज्य में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पेंशन प्रकरण के त्वरित निपटारे के लिए मध्यप्रदेश स्थित नोडल बैंक पर निर्भरता अब खतम होने जा रही है क्योंकि सहायक महाप्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक बैरन बाजार रायपुर द्वारा 4 मार्च 21 को संचालक,वित्तीय सँस्थान(कोष लेखा, एवं पेंशन) इंद्रावती भवन नवा रायपुर को लिखे पत्र में 19/2/20 से प्रशासनिक भवन स्टेट बैंक रायपुर में पेंशन सेल खुल जाने और कोआर्डिनेटर /नोडल अधिकारी नियुक्त होने की जानकारी से अवगत कराया है। उन्होंने अपने पत्र में इस सेल को राज्य में फेसिलेटर के रूप में कार्य करते हुये, पीपीओ जारी करने वाले अथॉरिटी,पेंशन भुगतान करने वाले बैंक शाखा और सी पी पी सी भोपाल के बीच समन्वय स्थापित कर पेन्शनर प्रकरणों का त्वरित निपटारा करने में बेहतर कार्य अंजाम देने का भरोसा दिया है। इस प्रक्रिया के शुरुआत होने पर भारतीय राज्य पेशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े पेन्शनर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा तथा भारतीय राज्य पेन्शनर महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा ने हर्ष जताया है और उम्मीद जाहिर किया कि नए वित्तीय माह 1अप्रैल 2021 से सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल पूर्ण रूप से राज्य के पेंशनरों के हित मे कार्य प्रारंभ करके राहत प्रदान करेंगें। उल्लेखनीय है कि सँयुक्त सँचालक कोष लेखा एवं पेंशन से पेंशन पेमेंट आर्डर(पीपीओ) जारी होने के बाद नियमों के परिपालन में जिला कोषालय अधिकारी द्वारा उसे बैंकों से भुगतान के पूर्व अंतिम जांच हेतु बैंक के माध्यम से हितग्राही को पेंशन भुगतान करने दिशा निर्देश के लिये गोविन्दपुरा भोपाल स्थित नोडल नामित स्टेटबैंक को भेजा जाता है। भोपाल स्थित इस नोडल बैंक में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्यों के पेन्शन प्रकरणों की जांच होती है। जहां लम्बी प्रक्रिया,आपत्ति के निराकरण में देरी और कार्य की अधिकता के बहानेबाजी तथा लेनदेन की आस में प्रकरण के निराकरण में जानबूझकर विलम्ब किया जाता है।कई प्रकरण में अनावश्यक आपत्ति लगाकर पेन्शनर को परेशान किया जाता रहा है जिसके कारण सेवानिवृत्त कर्मचारी को 2 वर्ष से अधिक समय तक पेंशन भुगतान से वंचित रहना पड़ा है और आज भी सैकड़ो प्रकरण आपत्ति निराकरण के अभाव में 6 महीने से अधिक समय से भोपाल में बिना किसी उचित कारण के लम्बित पड़े हुये है। ज्ञात हो कि पेन्शनर फेडरेशन के तत्वावधान में अलग तिथियों में राज्य के पेंशनरों ने बूढ़ापारा रायपुर में धरना प्रदर्शन किया था और नवा रायपुर में मंत्रालय का घेराव कर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के बीच पेंशनरी दायित्वों का बंटवारा और सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल की स्थापना रायपुर छत्तीसगढ़ में करने की मांग पत्र दिया था। ज्ञात हो कि गत दिनों छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने भी अपने मांग पत्र में पेंशनरों के इस मांग को जोड़ा था।