हिंदू धर्म में किसी भी मांगलिक कार्य को करने से पहले शुभ मुहूर्त का विचार किया जाता है। लेकिन बात जब शादी-विवाह की आती है तो शुभ मुहूर्त का महत्व और बढ़ जाता है। इस साल खरमास, गुरु और शुक्र तारा अस्त के कारण जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में मांगलिक कार्यों पर रोक थी। लेकिन 22 अप्रैल के बाद विवाह के शुभ मुहूर्त निकल रहे हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गुरु ग्रह 19 जनवरी को अस्त हुए थे जो कि 16 फरवरी को उदित हुए थे। इसके बाद इसी दिन यानी 16 फरवरी को शुक्र ग्रह अस्त हो गए थे। जो कि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानी 18 अप्रैल को उदित हो रहे हैं। ऐसे में विवाह के शुभ मुहूर्त 18 अप्रैल के बाद निकल रहे हैं।
मार्च महीने में लगे थे होलाष्टक-
हिंदू पंचांग के अनुसार, होलिका दहन से कुछ दिन पहले होलाष्टक लगते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस साल होलाष्टक 22 मार्च से 28 मार्च तक रहे थे। जिसके कारण इस दौरान शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लगी थी।
खरमास की अवधि – 14 मार्च से 13 अप्रैल तक।
साल 2021 के विवाह मुहूर्त-
अप्रैल – 22, 24, 25, 26, 27, 28, 29, और 30
मई – 1, 2, 7, 8, 9, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 28, 29 और 30
जून – 3, 4, 5, 16, 20, 22, 23, और 24
जुलाई – 1, 2, 7, 13 और 15
नवंबर – 15, 16, 20, 21, 28, 29 और 30
दिसंबर – 1, 2, 6, 7, 11 और 13

