रायपुर। राज्य में मार्च 2020 से कोरोना वायरस का संक्रमण से कोविड-19 का बीमारी फैला हुआ है और इससे छत्तीसगढ़ राज्य के अनेक पेंशनर प्रभावित हुए हैं। अपना इलाज सरकारी अस्पताल के अलावा राज्य शासन द्वारा अनुमति प्राप्त निजी अस्पतालों में भी करा रहे है। सरकारी अस्पतालों में बेड और संसाधनों की कमी से निजी अस्पतालों में राज्य शासन द्वारा निर्धारित दर पर कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित होकर पेंशनर अपनी जीवन भर की जमा पूंजी लूटाने मजबूर हो रहे हैं, इसलिए सरकार से पेंशनर के इलाज में हो रहे व्यय की पूर्ति हेतु शासकीय कर्मचारियों की भांति करने की मांग प्रदेश के मुख्य मंत्री भूपेश बघेल को ट्यूट कर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने की है। उन्होंने आगे बताया है कि प्रदेश में अनेक पेंशनर्स कोविड 19 आने के पहले से ही कई अन्य दुसरे गंभीर बीमारी जैसे हृदय रोग, लिवर, कैंसर, किडनी, शुगर, बीपी आदि से ग्रसित है, इन्ही दूसरे अन्य रोगों से पीडि़त एवं पूर्व से इलाज करा रहे पेंशनर्स को ही कोरोना संक्रमण होने के बाद अपनी पुरानी बीमारी के कारण ही अधिकृत निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए भर्ती होना पड़ रहा है, क्योंकि जिलों के सरकारी अस्पतालों में सिर्फ कोरोना का ही इलाज की सुविधा दे रहे है, सरकारी अस्पतालों में ओपीडी भी बंद कर दिया गया है ऐसे भी सरकारी अस्पताल को छोड़कर निजी अस्पताल के शरण मे जाना पड़ रहा है और निजी अस्पतालों में भी बेड खाली नही है, कहीं और देख लीजिए का जुमला जगजाहिर है। जब राज्य शासन के द्वारा स्वयं प्रदेश के नागरिकों को समुचित इलाज की सुविधा देने के के उद्देश्य से ही निजी अस्पतालों कोरोना इलाज के लिए अनुमति दिया गया है और इलाज और जांच के लिये दर भी निर्धारित किया गया है। इसलिए सरकार को पेंशनर्स के लिए कोरोना के अलावा अन्य बीमारियों के उपचार में हुये व्यय राशि के प्रतिपूर्ति हेतु जरूरी आदेश शीघ्र जारी करने की आवश्यकता है। सरकार को जनहित में इस पर तुरन्त कार्यवाही करना चाहिए। सम्प्रति हाल ही में 29 अप्रेल 21 को शासकीय कर्मचारियों के इलाज हेतु जारी आदेश को यथावत लागू करने की एक लाइन की फरमान जारी कर पेंशनरों को लाभ पहुंचाने की जुगत करके वर्तमान सरकार वरिष्ठ नागरिकों का समर्थन पा सकती है। सरकार को इस सुझाव पर अमल करने हेतु गम्भीरता से विचार करने की मांग की है। जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव और फेडरेशन से जुड़े संगठन क्रमश: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा, पेंशनर्स एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यसवंत देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेंशनर्स कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आरपी शर्मा, तथा आरसी पटेरिया, गंगाप्रसाद साहू, डॉ. व्हीव्ही भसीन, सीएस पांडेय, डॉ. पीआर धृतलहरे, व्ही टी कराडे,लोचन पांडेय, डॉ वाई सी शर्मा,विद्या देवी साहू , यू के चौरसिया,डी के त्रिपाठी, सी एल दुबे,शरद अग्रवाल,गायत्री गोस्वामी, जे पी धुरन्धर, डॉ एस पी वैश्य, उर्मिला शुक्ला, ज्ञानचंद पारपियानी,बी डी उपाध्याय, राकेश श्री वास्तव, एन एच खान,द्रोपदी यादव,डॉ एस पी वैश्य,आर के नारद,पी एल सिंह,एम एन पाठक,डॉ ज्ञानेश चौबे, एस पी एस श्रीवास्तव, विष्णु तिवारी,शांति किशोर माझी, कलावती पाण्डे,सी एल चन्द्रवंशी, इंदु तिवारी, तीरथ यादव,रमेश नन्दे, प्रदीप सोनी, असीमा कुंडू, आशा वैष्णव,पी एल टण्डन, रोजलिया लकड़ा, एल एन साहू, अशोक जैन, अरुण दुबे, राजेश्वर राव भोसले, वन्दना दत्ता, श्रीमती बसन्त नामदेव,अनूपनाथ योगी,गिरीश उपाध्याय,जे आर सोनी, सुरेन्द्र नामदेव,अनिल शर्मा,आलोक पांडेय,व्ही एस जादौन,बी एल पटले,,बी डी यादव,वीरेन्द्र थवानी, डी के पाण्डे,आनन्द भदौरिया,बी के सिन्हा, एस डी बंजारे,गुलाब राव पवार,भूषण लाल देवांगन, खेमिचन्द मिश्रा,एस के चिलमवार,बिक्रम लाल साहू, एस डी वैष्णव,हीरालाल नामदेव,अजीत गुप्ता,द्वारका सिन्हा,ओ पी भट्ट,विजय शंकर दुबे,सुभाष गायकवाड़, प्रभुदयाल पटवा,रामकुमार थवाईत,रमेश कुमार शर्मा, डी आर लांझेकर,के एन कश्यप,के के बंछोर आदि ने राज्य के सभी बुजुर्ग-सेवानिवृत्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कोरोना महामारी के दौर में राहत प्रदान करने कोविड 19 के इलाज में हुये व्यय पर सेवारत कर्मचारियों की तरह पेंशनरों को भ चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा देने आदेश प्रसारित करने काआग्रह किया है।
