अमलेश्वर। विगत पिछले दिनों अमलेशवर डीह मेडिकल व्यवसायी स्वर्गीय हुमन लाल साहू का हार्ट अटैक से अचानक निधन हो गया। मृत्यु पश्चात हमारे हिंदू धर्म में एवं हमारे छत्तीसगढ़ अंचल में मृत्यु भोज कराने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसमे परिवारजनों के द्वारा अपने ईष्ट मित्रों एवं सामाजिक बंधुओं को दशगात्र के दिन मीठा भोज कराने की प्राचीन परंपरा रही हैं, पर यह परंपरा अब धीरे-धीरे सुधार की ओर अग्रसर हो रहा है। मृत्यु भोज में प्राय: लोग मीठा भोजन लड्डू कलेवा, खीर ही ज्यादा खिलाते थे जिससे शोकाकुल परिवार को भी अतिरिक्त खर्च का भार भी पड़ता हैं, जिसे बीच-बीच में सादा खाना खिलाने के लिए समाज प्रमुखो के द्वारा भी प्रोत्साहित करते आ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए यह साहू परिवार ने स्वर्गीय हुमन लाल साहू के मृत्यु भोज में सादा खाना चावल दाल सब्जी खिला कर लोगों को भी एक सीख दिया की मृत्यु भोज में मीठा खाना की जगह सिर्फ़ सादा खाना ही सीमित लोगों को खिलाई जाए। साहू परिवार ने मीठा खाना खिलाने में जो लंबी चौड़ी खर्च होता है उनके बदले में सादा खाना खिलाकर यह खर्च की राशि को तहसील साहू संघ पाटन को अपने साहू समाज के तहसील भवन वर्तमान में जहाँ भक्त माता कर्मा जी की भव्य मंदिर बनाया जा रहा है वहां पर आम लोगो के लिए स्वच्छ व शीतल जल पीने के लिए वाटर कूलर उपहार में भेंट किए है। स्वर्गीय हुमन साहू श्रीमती कामिनी साहू के पति एवं पुत्र ओम प्रकाश साहू (उपाध्यक्ष प्रदेश साहू संघ, युवा प्रकोष्ठ ), एवं योगेश साहू, यशवंत साहू के एवं पुत्री मंजू साहू (शिक्षिका) के पिताजी एवं स्व. गेंद राम जी साहू ,सेवा राम जी साहू के छोटे भाई थे। साहू परिवार के द्वारा तहसील साहू समाज को वाटर कूलर भेंट किये जाने पर समाज के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी इस साहू परिवार का आभार माना हैं। साथ ही शोक कार्यक्रम में सादा खाना ही खिलाई जाने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहे हैं।

