रायपुर। लॉकडाउन के लगभग 54 दिनों बाद छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने अंग्रेजी शराब की फुटकर और प्रीमियम दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। इस संबंध में आदेश जारी होने के बाद से लोगों के बीच यह भी चर्चा है कि जब शराब दुकानें खुल सकती है तो धार्मिक स्थलों के पट बंद क्यों है? इसे भी कोविड नियमों के पालन के साथ खोला जाना चाहिये। लोगों का कहना है कि छत्तीसगढ़ में अब कोराना संक्रमितों की संख्या काफी कम हो चुकी है और शायद इसी को देखते हुए आबकारी विभाग द्वारा शराब दुकाने खोले जाने की अनुमति दी जा सकती है तो राज्य शासन को भी धार्मिक स्थलों को भी खोले जाने के आदेश दिये जाने चाहिये। धार्मिक स्थलों के खुलने के समय के दौरान वहां कोविड प्रोटोकाल नियमों का पालन करते हुए श्रद्धालुओं द्वारा पूजन-अर्चन किया जा सकता है। आपको बता दें कि राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के मुताबिक कलेक्टर जिले के नगरीय निकायों और ग्रामीण क्षेत्रों में सभी विदेशी मदिरा दुकानों के संचालन के लिए समय सीमा निर्धारित करेंगे। आबकारी सूत्रों के अनुसार विदेशी मदिरा की दुकानें प्रात: 09 बजे से रात्रि 10 बजे तक संचालित की जाएंगी। मदिरा दुकानों के संचालन के दौरान कोविड प्रोटोकाल और कोरोना महामारी से बचाव के लिए शासन की ओर से समय-समय पर जारी एसपीओ का पालन करना अनिवार्य होगा। हालांकि आदेश में पहले से चल रही शराब के होम डिलीवरी सिस्टम और ऑन लाइन आर्डर सिस्टम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
