नई दिल्ली। योग से मनुष्य स्वस्थ रहता है, साथ ही फिट रहकर वो लंबे जीवन को प्राप्त करता है। योग का मानव जीवन में महत्व देखते हुए साल 2015 से पूरे विश्व में 21 जून को अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। योग दिवस पर हर साल नई थीम रखी जाती है, जिसे लेकर लोग काफी एक्साइटेड होते हैं। वहीं 2021 के योग दिवस की थीम बी विद योग, बी, एट होम यानी योग के साथ रहें, घर पर रहें रखी गई है। पिछले साल 2020 में भी कोरोना काल को देखते हुए घर पर रहकर योग करें थीम रखी गई थी। अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस 2021 पर वैक्सीनेशन प्रणाली में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। हाल ही में 7 जून को देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया था कि 21 जून से देश के हर राज्य में 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगाई जाएगी। इसको लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संशोधित गाइडलाइन भी जारी कर दी है। नई गाइडलाइन के अनुसार, राज्यों को 75 प्रतिशत मुफ्त वैक्सीन केंद्र सरकार की तरफ से मिलेगी।
21 जून को क्यों मनाया जाता है विश्व योगा दिवस
दरअसल, 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होता है। साथ ही योग करने से लोगों की आयु भी लंबी होती है। इसी को देखते हुए योगा दिवस हर साल 21 जून को मनाया जाता है। सबसे पहला अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस साल 2015 के 21 जून को मनाया गया था। वहीं, 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का ऐलान किया था।
कोविड-19 में बढ़ा योग का महत्व
कोरोना महामारी से लडऩे के लिए आपका स्वास्थ और इम्यूनिटी सिस्टम दोनों मजबूत होना चाहिए। वहीं, योग करने वाले लोग फिट होने के साथ ही इम्यूनिटी के मामले में भी दूसरे लोगों से बेहतर होते हैं। इसी को देखते हुए बाकी लोगों ने भी खुद के हैल्थ का ख्याल रखते हुए योग करना शुरू किया है। साथ ही बॉलीवुड जगत के सितारे समेत खुद पीएम मोदी भी योग कर लोगों को फिटनेस के प्रति मोटिवेट करते देखे जाते हैं।
21 जून को ही क्यों मनाया जाता है अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस? जानें इस साल का थीम और महत्व
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