कोरबा। विकासखण्ड कटघोरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत चाकाबुड़ा की रहने वाली सुश्री फूलबाई कश्यप स्वावलंबन की दिशा में उदाहरण पेश कर रही हैं। बैंक सखी फूलबाई के कारण लगभग छह गांवो के ग्रामीणों को बैकिंग सेवाएं घर पहुंच मिल रही है। पैर से दिव्यांग होने के बावबजूद फूलबाई के आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़े होने में उनकी दिव्यांगता बाधा नहीं बन सकी है। स्नातक की पढ़ाई पूरी कर चुकी फूलबाई ने बैंक सखी बनकर लोंगों को परिजनों की भविष्य सुरक्षा के लिए बैंको के माध्यम से बीमा कराने की भी सलाह दे रहीं हैं और उनका बीमा भी करा रहीं हैं। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा के साथ-साथ राशि जमा करने, निकालने और पेंशन तथा मजदूरी भुगतान का काम भी फूलबाई घर-घर जाकर कर रहीं हैं। विकासखण्ड कटघोरा के गांव जवाली, कसईपाली, चाकाबुड़ा सलिहापारा एवं डुलहीकछार के ग्रामीणों को पेंशन, मजदूरी और बैंक खातों से रकम निकालने के लिए बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। चाकाबुड़ा और आसपास गांव के लोगों, दिव्यांगजनों और वृद्धजनों को पेंशन लेने के लिए बैंक जाने से भी राहत मिल गई है। बैंक सखी फूलबाई गांव में लगभग 200 बचत खातों का संचालन कर हितग्राहियों को घर पहुंच राशि का भुगतान कर रही हैं। बैंक सखी का काम करने के साथ-साथ फूलबाई छोटे स्टेशनरी स्टोर का भी संचालन कर रहीं हैं। अपने दुकान के माध्यम से पेन, कॉपी और बच्चों को खाने की चीजों की भी बिक्री कर रही है। फूलबाई का हौसला इतने में ही नहीं थमता। महिला स्व सहायता समूह से जुड़कर कोसा धागाकरण का काम भी फूलबाई जोर-शोर से कर रही है। बैंक सखी के काम के साथ कोसा धागाकरण के काम से फूलबाई को अच्छी आर्थिक लाभ हो रही है। दिव्यांग होने के बावजूद आर्थिक लाभ कमाकर अपने माता-पिता को आर्थिक सहयोग करने में हाथ बंटा रही है।
सुश्री फूलबाई कश्यप ने बताया कि उनके दो भाई और एक बहन हैं। माता-पिता कृषि का काम करते हैं। फूलबाई दो वर्षों से बैंक सखी के रूप में काम कर रही हैं। बी.ए. फाइनल की पढ़ाई कर चुकी फूलबाई ने गांव की महिलाओं के साथ खुशी स्वसहायता समूह में जुड़कर बैंक सखी का काम शुरू किया। समूह की महिलाओं के बीच पढ़ी-लिखी होने के कारण फूलबाई ने बैंक सखी के काम के साथ समूह की अन्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए जागरूक करने का भी काम किया। खुशी स्वसहायता समूह की महिलाएं ककून बैंक से कोसा प्राप्त करके घर के काम के साथ, कोसा धागाकरण का भी काम करती हैं। समूह की महिलाएं कोसा धागा निकालकर औसतन तीन से चार हजार रूपए मासिक आय अर्जित कर रही हैं।
बैंक सखी फूलबाई दो वर्षों में लगभग 86 लाख रूपए का लेन-देन कर चुकी हैं। इसमें 80 लाख रूपए की निकासी और छह लाख रूपए की जमा राशि शामिल है। फूलबाई ग्रामीणों के लगभग 200 बैंक खाते भी गांव में ही खोल चुकी हैं। बैंक सखी फूलबाई बैंक खातों के संचालन के साथ-साथ लोगों के विभिन्न प्रकार के शासकीय बीमा करने में भी सक्रिय है। फूलबाई प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा के 13, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा के दस, अटल पेंशन योजना के दो और दुर्घटना बीमा के अंतर्गत 11 लोगों का बीमा कर चुकी हैं। फूलबाई को बैंक सखी के रूप में कार्य करने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बिहान की तरफ से 33 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। फूलबाई को बैंक सखी कमीशन के रूप में बैंक द्वारा 18 हजार 600 रूपए भी प्राप्त हुआ है।

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
Exit mobile version