शीर्षक पढ़कर शायद आप सोच रहे होंगे कि भला जिंदा आदमी का पोस्टमार्टम कैसे हो जाता…? तो हम बताना चाहेंगे कि एक शख्स को तीन अस्पतालों ने मृत घोषित कर दिया था, लेकिन जब पोस्टमार्टम से पहले उसकी सांस चलने लगी, जब इसका पता चला तो सभी ने राहत की सांस ली और इस तरह से जिंदा आदमी का पोस्टमार्टम होने से बच गया। यह हैरान कर देने वाला मामला उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद से सामने आया है जहां एक शख्स को तीन अस्पतालों ने मृत घोषत कर दिया था। शख्स को पोस्टमॉर्टम के लिए मर्चूरी में रखा गया था। तभी ऐसी घटना घटी जिसे सबने हैरत में डाल दिया। पोस्टमॉर्टम से पहली ही मृत शख्स की सांसे चलने लग गईं। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के मृत हो जाने की सूचना पुलिस को दी गई थी। उसके बाद पुलिस शव का पंचनामा करने के लिये जिला अस्पताल के मॉर्चुरी पहुंची। पुलिस मृत व्यक्ति के शरीर पर चोट के निशान देख रही थी, तभी एहसास हुआ कि मृत व्यक्ति की सांस चल रही है। जब इसकी जानकारी परिजनों को हुई तो परिवार में छाया मातम खुशी में बदल गया और तुरंत डॉक्टर ने आकर उस व्यक्ति का चेकअप किया और इलाज के लिये दोबारा से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे पहले अस्पताल में भी मृत घोषित करने के बाद बीती रात साढ़े चार बजे पोस्टमॉर्टम कराने के लिए शव को जिला अस्पताल की मॉर्चुरी में रख दिया गया था। शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे जिला अस्पताल में बनी मॉर्चुरी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब 7 घंटे बाद मॉर्चरी में रखे एक व्यक्ति की सांसें चलने लगी। परिजनों के अनुसार मझोला थाना क्षेत्र के रहने वाले श्रीकेश नगर निगम में कर्मचारी हैं। देर रात घर से दूध लेने के लिए निकले थे, तभी सड़क पर करते समय श्रीकेश के साथ हादसा हो गया। परिजनों को जब यह सूचना मिली तो उपचार के लिए एक के बाद एक तीन निजी अस्पतालों में इलाज के लिए ले जाया गया था लेकिन श्रीकेश को मृत घोषित कर दिया। तब परिजन शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए देर रात ही जिला अस्पताल लेकर आ गए, जिला अस्पताल की एमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर मनोज ने भी श्रीकेश का चेकअप करने के बाद मृत घोषित कर दिया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्चुरी में भिजवा दिया। शुक्रवार की सुबह जब पुलिस शव का पंचनामा करने की तैयारी कर ही रही थी, तभी अहसास हुआ कि इस मृत व्यक्ति की तो सांस चल रही है. इस बात की जानकारी वहां मौजूद परिजनों ने तुरंत जिला अस्पताल में डॉक्टर को दे दी। सूचना पर मॉर्चुरी पहुंचे डॉक्टर ने चेकअप कर उस व्यक्ति के जिंदा होने की पुष्टि करते हुए तुरन्त उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कर उसका इलाज शुरू कर दिया।
गनीमत है पता चल गया…, नहीं तो जिंदा आदमी का हो जाता है पोस्टमार्टम!
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