जहां अगले साल एक फरवरी से विभिन्न स्थानों पर प्रवेश करने और सुविधाओं का उपयोग करने के लिए कोरोना वैक्सीन लगवाना अनिवार्य कर दिया जाएगा. सीएम अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने दुनिया के लगभग 110 देशों में ओमिक्रॉन के फैलने पर चिंता व्यक्त की. साथ ही कहा कि सभी उम्र के लोगों को खुद टीका लगवाना चाहिए और कोरोना गाइडलाइन का पालन करना चाहिए. इसके लिए उन्होंने स्थानीय जिला प्रशासन को टीकाकरण और फेस मास्क पहनने के प्रति लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए.
दरअसल, सूबे के सीएम अशोक गहलोत ने लोगों से नियमकानूनों एवं रात्रिकालीन कर्फ्यू का पालन करने करने की अपील की है और केंद्र सरकार से बूस्टर डोज और बच्चों के वैक्सीनेशन पर जल्द से जल्द फैसला लेने के लिए कहा है. वहीं, गहलोत ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य व मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की. वहीं नई साल के जश्न को देखते हुए मुख्यमंत्री गहलोत ने अधिकारियों को जनवरी के पहले हफ्ते से फेस मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे विभिन्न उपायों का कड़ाई से सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है. उन्होंने बताया कि लोग कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने में लापरवाह हो गए हैं. क्योंकि रोजाना मामलों की संख्या बहुत कम थी. लेकिन वायरस फिर से फैल रहा है जोकि बहुत चिंता की बात है.
वैक्सीनेशन को अनिवार्य बनाने के लिए सरकार जारी करेगी नए निर्देश
बता दें कि इस दौरान सीएम ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी कुछ दिनों तक अभियान चलाकर आमजन को मास्क एवं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूक किया जाए और प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने पर सख्ती बरतें. इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग चिन्हित जगहों पर RT-PCR टेस्ट की संख्या बढ़ाए, जिससे संक्रमित व्यक्तियों की जल्द से जल्द पहचान हो सके. इस बैठक में गहलोत ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए जरूरी है कि निर्धारित आयु समूह का शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन हो. इसके साथ ही, जिन्हें दोनों खुराक लग चुकी है उन्हें ‘बूस्टर’ खुराक लगे.

