कोरोना संकट के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना चौथा बजट मंगलवार को पेश कर दिया। वित्तीय सत्र 2022-23 के लिए पेश इस बजट में आम लोगों की जिंदगी से जुड़ी कई नई बातों को शामिल किया गया है।
- कृषि के क्षेत्र में नया क्या?
केंद्रीय वित्त मंत्री ने किसानों के लिए बड़ा एलान किया। कहा कि अब न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का भुगतान सीधे किसानों के खाते में किया जाएगा। अभी तक मंडियो और आढ़तियों के माध्यम से किसानों का भुगतान किया जाता था। ये पहली बार होगा जब किसानों को एमएसपी का लाभ सीधे मिलेगा। इससे काफी हद तक भ्रष्टाचार पर रोक लग सकेगी।
इसके अलावा गंगा के किनारों के 5 किमी. के दायरे में आने वाली जमीन पर ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। खेती की जमीन के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण होगा। राज्यों को एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के सिलेबस बदलने को कहा जाएगा, ताकि खेती की लागत को कम किया जा सके। फलों और सब्जियों की उन्नत किस्म अपनाने वाले किसानों की मदद के लिए राज्यों के साथ मिलकर काम करेंगे किसानों को डिजिटल सर्विस मिलेगी, जिसमें दस्तावेज, खाद, बीज, दवाई से संबंधित सेवाएं शामिल हैं। - विदेश यात्रा करने वालों के लिए क्या?
2022-23 से एम्बेडेड चिप वाले ई-पासपोर्ट जारी होंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा जिसका फायदा विदेश जाने वाले यात्रियों को होगा। ई-पासपोर्ट चिप से लैस होंगे। पासपोर्ट में मौजूद चिप में बायोमेट्रिक डाटा रहेगा। पहली नजर में ई-पासपोर्ट रेगुलर पासपोर्ट की तरह ही होता है।
ई-पासपोर्ट में एक वैसा ही चिप मिलेगा जैसा कि ड्राइविंग लाइसेंस में होता है। इसी चिप में यात्री की पूरी जानकारी मौजूद होगी जिसमें बायोमेट्रिक डाटा भी शामिल होगा। ई-चिप के कारण वेरिफिकेशन प्रोसेस में तेजी आएगी और फर्जी पासपोर्ट को गोरखधंधा बंद होगा। फिलहाल वेरिफिकेशन में काफी समय लगता है, लेकिन ई-पासपोर्ट के आने के बाद इस समय में बचत होगी। उम्मीद की जा रही है कि ई-पासपोर्ट के आने के बाद वेरिफिकेशन समय में करीब 50 फीसदी तक की कमी होगी। ई-पासपोर्ट का आवेदन भी रेगुलर पासपोर्ट की तरह ही होगा। - नॉर्थ ईस्ट राज्यों के लिए क्या ?
पहली बार है कि केंद्र सरकार ने नॉर्थ ईस्ट राज्यों के विकास के लिए अलग से योजना लाने की बात कही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के विकास के लिए सरकार की तरफ से अलग से योजना जारी होगी। बजट में इस तरह का प्रावधान किया है। - ई-वाहन के लिए क्या ?
ई-व्हीकल को बढ़ावा देने के लिए भी केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि अभी ई-व्हीकल के चार्जिंग स्टेशन की कमी है। इससे आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए जल्द ही सरकार बैट्री अदला-बदली का कानून आएगा। - एलआईसी में क्या बदलाव होगा?
केंद्रीय वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण की शुरुआत की भारतीय जीवन बीमा निगम यानी एलआईसी से की। उन्होंने बताया कि जल्द ही एलआईसी का आईपीओ आएगा। ये पहली बार होगा जब आईपीओ के जरिए एलआईसी करीब एक लाख करोड़ रुपये जमा करेगी। - 5-जी को लेकर क्या?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5-जी को लेकर भी बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि जल्द ही 5-जी लॉन्चिंग की स्कीम लाई जाएगी। इसके जरिए गांव-गांव तक लोगों को इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। - शिक्षा के लिए क्या?
कोरोना काल में पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि एक कक्षा एक टीवी चैनल को 12 से बढ़ाकर 200 टीवी चैनल किए जाएंगे। इसके अलावा डिजिटल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि देश में दो साल से जारी कोरोना महामारी के कारण सबसे ज्यादा शिक्षा का नुकसान आदिवासियों और देश के कमजोर क्षेत्र के लोगों को हुआ है। इस नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने सप्लिमेंटरी शिक्षा की व्यवस्था की है। - गेमिंग और एनिमेशन पर क्या?
एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्, गेमिंग और कॉमिक्स यानी एवीजीसी सेक्टर को भी अब देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ दिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि इस सेक्टर में रोजगार की असीम संभावनाएं हैं। ऐसे में एवीजीसी प्रमोशन टास्क फोर्स इससे जुड़े सभी स्टाक होल्डर्स के साथ बातचीत करेगी। ऐसे रास्ते तलाशेगी जिससे हमारी घरेलू क्षमता के जरिए हम अपने बाजार और ग्लोबल मार्केट की जरूरतें पूरी कर सकें। - डिजिटल करेंसी भी लॉन्च होगी: ब्लॉकचेन और अन्य टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हुए इसी साल आरबीआई डिजिटल रुपया जारी करेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणने कहा कि इससे इकोनॉमी को बहुत अधिक बढ़ावा मिलेगा। क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली कमाई पर 30त्न का टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि, क्रिप्टोकरेंसी के रेगुलाइजेशन को लेकर बजट में कुछ नहीं कहा गया।
- आयकर के लिए नए प्रावधान का एलान
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मूल रिटर्न फाइल करने के दो वर्ष बाद तक अपडेटेड रिटर्न फाइल किए जा सकेंगे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आयकर की घोषणा में कोई गलती है तो इसे दो साल में सुधारा जा सकता है। इसके लिए उसे अपना रिटर्न अपडेट करना होगा। इससे मुकदमेबाजी कम होगी। लोगों को दो साल में अपनी घोषित आय में सुधार करने की अनुमति मिलेगी।
