साल 2022 में मकर संक्रांति के दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत हुई थी. अब फिर से 5 दिन बाद 24 फरवरी से मांगलिक कार्यों पर रोक लगने वाली है. 20 फरवरी के बाद अब सीधा डेढ़ माह के लिए विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन और नामकरण आदि कार्यों पर विराम लग जाएगा. क्योंकि 24 फरवरी से गुरु अस्त होने जा रहे हैं. मान्यता है कि देवगुरु बृहस्पति शादि समते अन्य सभी मांगलिक कार्यों के कारक हैं. और इस सब कार्यों की शुरुआत के लिए गुरु ग्रह का उदय होना बेहद जरूरी है. 20 फरवरी के बाद 15 अप्रैल से शुभ कार्य किए जा सकेंगे.
24 मार्च तक अस्त रहेंगे बृहस्पति
ज्योतिषों के अनुसार बृहस्पति देव 24 फरवरी से 24 मार्च तक अस्त रहेंगे. इस दौरान सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी. इस बीच होलाष्टक लग जाएंगे और फिर उसके बाद सूर्य के मीन मलमास शुरू हो जाएंगे. इस तरह 15 अप्रैल तक कोई कार्य नहीं किया जा सकेगा. 4 मार्च को फुलेरा दूज पर कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं. बता दें कि फुलेरा दूज को अबूझ मुहूर्त माना जाता है.
क्या होता है किसी ग्रह का अस्त होना
बता दें कि 13 फरवरी को सूर्य ग्रह राशि बदलकर मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश कर चुका है. कुंभ राशि में गुरु ग्रह पहले से ही मौजूद है. ऐसे में ज्योतिष अनुसार जब सूर्य ग्रह किसी दूसरे ग्रह के करीब जाता है तो उस ग्रह की शक्तियां कमजोर होने लगती हैं. इसे ही ग्रह का अस्त होना कहा जाता है. इस तरह सूर्य के करीब आने से गुरु ग्रह भी अस्त होंगे. शास्त्रों में गुरु ग्रह को शुभ कार्यों का प्रतीक माना गया है.
धनु और मीन राशि के स्वामी है गुरु
ज्योतिष अनुसार बृहस्पति को धनु व मीन राशि का स्वामी ग्रह माना गया है. ऐसे में गुरू के अस्त होने का इन राशियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और इन प्रभावों से बचने के लिए गुरु संबंधी उपाय की सलाह दी जाती है. इस बीच गुरुवार का व्रत रखें. चने की दाल, गुड़ आटे की लोई में थोड़ी सी हल्दी डालकर गाय को खिलाएं.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
March 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
3031  
Exit mobile version