केन्द्र सरकार के बिना सहमति पुरानी पेंशन लागू करना यक्ष प्रश्न?
पुरानी पेंशन लागू करने पर ईमानदारी काम करने की जरूरत बल दिया
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज छत्तीसगढ़ विधानसभा में पुरानी पेंशन योजना को पुन: लागू करने की घोषणा का छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने स्वागत किया किया है। इस पर अमल करने से 2004 के बाद सेवा में आये लगभग 3 लाख से अधिक अधिकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगें।राज्य के ब्यूरो क्रेट को इस पर बहुत मेहनत करके इस घोषणा को अमली जामा पहनाने की जरूरत बल दिया है। पेन्शनर फेडरेशन ने मुख्यमंत्री द्वारा पेंशनरो और कर्मचारियों को केन्द्र के बराबर 31 प्रतिशत महँगाई भत्ता देने के मामले में चुप्पी पर रोष जाहिर किया है और होली पूर्व बकाया महंगाई भत्ता देकर राहत प्रदान करने की मांग की है परन्तु यह विचारणीय विषय है कि इसे राज्य सरकारें बिना केन्द्र सरकार के सहमति से लागू कैसे करेगी? यह यक्ष प्रश्न है,क्योंकि भविष्य निधि की राशि का रखरखाव तथा भुगतान प्रक्रिया अर्थात संधारण सहित सम्पूर्ण संचालन अभी तक केन्द्र के हाथों में रहा है आगे भी पुरानी पेंशन लागू करने पर भी यह स्थिति बरकरार रहेगा। राज्य सरकार के जिम्मेदारी कर्मचारियों के वेतन से कटौती कर भविष्य निधि के खाते में जमा करना और रिटायर होने पर भुगतान करने तक ही सीमित है। इसलिए इस मामले पर राज्य सरकार को सम्पूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराकर कर्मचारियों को रकम की सुरक्षा की गारन्टी देना होगा। सरकार की यह घोषणा केवल घोषणा बनकर न रह जाय।इस पर ध्यान देना होगा,वरना मुख्यमंत्री का यह घोषणा कहीं वही ढाक के तीन पात बनकर रह जायेगा। फिर भी हम मुख्यमंत्री की भावना का कद्र करते हैं और उम्मीद करते घोषणा को अमली जामा पहनाने का कार्य कर इससे प्रभावित कर्मचारियों और अधिकारियों की भविष्य को सुरक्षित करेंगें। पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, वरिष्ठ नागरिक परिसंघ के संयोजक अनूप श्रीवास्तव, पेन्शनर कल्याण संघ के अध्यक्ष डॉ डी पी मनहर,पेन्शनर एसोसिएशन के अध्यक्ष गंगा प्रसाद साहू, प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के अध्यक्ष आर पी शर्मा तथा पेंशनर्स महासंघ के अध्यक्ष जे पी मिश्रा ने पेंशनरों की उपेक्षा पर रोष जाहिर करते हुए केन्द्र के बराबर 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के मामले में घोषणा नहीं करने पर दुख जताया है और भूल सुधार कर होली पर तुरन्त बकाया मंहगाई राहत देने की मांग की है।

