रायपुर। यादव ठेठवार समाज की युवा टीम ने आर्थिक स्थिति से कमजोर समाज के युवाओं को रोजगार दिलाने के साथ-साथ गंभीर बीमारी से पीडि़त लोगों के इलाज के लिए आर्थिक सहयोग करने का निर्णय लिया है। इसी कड़ी में सोमवार को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त एक बच्चे के इलाज के लिए समाज के लोगों द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। इससे पीडि़त बच्चे के माता-पिता की आंखें भर आई। सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली है कि समाज का एक बच्चा मोक्ष यदु कैंसर से पीडि़त है और उसके माता-पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसकी जानकारी होते ही समाज के युवाओं ने मदद की जिम्मेदारी ली। दुर्ग संभाग के यादव ठेठवार समाज के युवाओं को जब जानकारी हुई कि समाज का एक गरीब परिवार अपने बच्चे को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने का प्रयास कर रहा है। इसकी जानकारी मिलते ही समाज ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क किये और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। इसके तहत 14 मार्च सोमवार को मनोज यादव ने युवाओं से सहयोग लेकर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ) में पहुंच कर पीडि़त परिवार को नगद राशि देकर आर्थिक सहायता की राशि प्रदान की और परिवार को विश्वास दिलाया कि यादव ठेठवार समाज के युवा हर संभव मदद करेंगे और 20 लाख रुपए तक की राशि का सहयोग शासन की योजनाओं के तहत दिलाया जाएगा।
इन युवाओं ने किया सहयोग
दुर्ग संभाग के यादव ठेठवार समाज के मनोज यादव, रायपुर राज के पूर्व संचालक मनीष यदु, प्रदेश प्रवक्ता युवा प्रकोष्ठ उमेश यदु , तेजेश यदु,अभिषेक यादव, जितेश यादव, हीरा यादव, रायपुर राज्य अध्यक्ष सन्तोष यदु, देवीदयाल यदु, महेंद्र यादव, लखन गोविंदा यादव, करण यदु, लव यदु, प्रवीण यादव फाफाडीह का नाम प्रमुख रूप से शामिल है।
बच्चे के इलाज के लिए किया जाएगा हरसंभव प्रयास-उमेश यदु

यादव ठेठवार समाज युवा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता उमेश यदु ने बताया है कि बच्चे के इलाज के लिए हर संभव मदद समाज के द्वारा किया जाएगा। साथ ही बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए आर्थिक सहयोग लोन के रूप में प्रदान किया जाएगा और समाज के समक्ष कोई भी व्यक्ति मदद के लिए आएगा तो उनकी मदद की जाएगी। समाज के युवा साथी ऐसे ही कार्यों के लिए अब आगे आते रहेंगे केवल इस बच्चे की ही बात नहीं है, और भी लोग इस प्रकार के सहयोग के लिए समाज के समक्ष आएंगे या फिर समाज को अगर जानकारी होगी तो तत्काल प्रभाव से हर संभव मदद किया जाएगा और इस बच्चे को शासन की योजनाओं के तहत 20 लाख रुपए सहायता राशि दिलाने का प्रयास किया जाएगा।