नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर कई इलाकों में रविवार दोपहर हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। बारिश ने जहां उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई है, वहीं तापमान में भी गिरावट आ गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को ही अपने पूर्वानुमान में दिल्ली में अगले तीन दिन बारिश की संभावना होने की संभावना जताई थी। इसकी वजह से गर्मी से काफी राहत मिली है। वहीं तापमान भी सामान्य से कम दर्ज हो रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को बिहार के पटना, गया, जहानाबाद, बक्सर, भोजपुर, वैशाली, बेगूसराय, नालंदा एवं नवादा में भारी बारिश की संभावना है। राजस्थान में बारिश का दौर जारी है। वहीं बिहार के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। मौसम विभाग के मुताबिक राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में हुई बरसात के साथ ही दक्षिण पश्चिम मानसून पूरे देश में समय से छह दिन पहले ही पहुंच गया है। केरल में भी सामान्य समय एक जून से तीन दिन पहले ही 29 मई को मानसून पहुंच गया था। भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून के पूरे देश में पहुंचने की सामान्य तिथि आठ जुलाई है। आइएमडी ने जुलाई में उत्तर भारत के कुछ हिस्सों, मध्य भारत और दक्षिण प्रायद्वीप के अधिकतर हिस्सों में ‘सामान्य और सामान्य से अधिक’ बारिश की भविष्यवाणी की है। मौसम विभाग के मुताबिक आज छत्तीसगढ़ और ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक नागालैंड, मणिपुर, मेघालय और त्रिपुरा, गुजरात राज्य, कोंकण और गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर में अगले तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पिछले दो दिन में हुई हल्की से मध्यम बारिश के बाद कई हिस्सों में जलजमाव की खबरें सामने आई थी। आइएमडी की भविष्यवाणी के मुताबिक अगले पांच दिन के दौरान ओडिशा, गुजरात, कोंकण और गोवा में जोरदार बारिश की संभावना है। मध्य भारत में चार और पांच जुलाई को और पश्चिमोत्तर भारत में पांच और छह जुलाई को झमाझम बरसात हो सकती है। उत्तर ओडिशा के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र बांग्लादेश के ऊपर चक्रवात की स्थिति बन रही है। ओडिशा के उत्तर में कम दबाव का क्षेत्र भी बनने के संकेत मिले हैं। इससे संबंधित क्षेत्र के साथ ही मध्य भारत में मानसूनी बारिश में तेजी आ सकती है। आइएमडी ने कहा कि राजस्थान को छोड़कर मानसून के कोर क्षेत्र में पडऩे वाले सभी राज्यों में कम बारिश हुई है। मानसून के कोर जोन में राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा आते हैं जहां कृषि बारिश पर आधारित है। विभाग के अनुसार दो जुलाई तक गुजरात में दीर्घकालिक औसत (एलपीए) से 37 प्रतिशत कम बरसात हुई। इसी तरह ओडिशा में 34, महाराष्ट्र में 25, छत्तीसगढ़ में 25 और मध्य प्रदेश में 15 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। जबकि, राजस्थान में एलपीए से 33 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। जुलाई में 280 मिलीमीटर बारिश की उम्मीद विभाग के अनुसार 1971-2020 के दौरान हुई बारिश के औसत के आधार पर 94 प्रतिशत से 106 प्रतिशत के बीच बरसात को सामान्य माना जाता है। जुलाई में देश में 280.4 मिलीमीटर बारिश होने की उम्मीद जताई गई है।

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