बिलासपुर.
जिले में गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सामुदायिक बाड़ी, मशरूम उत्पादन, मछली पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन, गोबर दिया, गोबर गमला, अगरबत्ती, साबुन निर्माण सहित करीब 15 गतिविधियां संचालित की जा रही है। जिले में गौठानों के माध्यम से 2 लाख 18 हजार 255 क्विंटल गोबर की खरीदी की जा चुकी है। 65 हजार 536 क्विंटल वर्मी खाद बनाया गया है एवं 58 हजार 338 क्विंटल वर्मी खाद की बिक्री की गई है। खाद की बिक्री से स्व सहायता समूह की महिलाओं को 1 करोड़ 52 लाख की आमदनी हो चुकी है।
गौठानों को मल्टीएक्टिविटी सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि अधिक से अधिक स्व सहायता समूहों का आजीविका के क्षेत्र में बेहतर विकास किया जा सके।

