उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में खुले लुलु मॉल में नमाज पढ़ने का मामला इस वक्त पूरे देश में गरमाया हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मॉल का 10जुलाई को शुभारंभ किया।
इसके तीन ही दिन 13जुलाई से यहां विवाद शुरू हो गया। मॉल के अंदर नमाज पढ़ते हुए कुछ लोगों का वीडियो सोशल मीडिया पर वापरल हुआ, जिसके बाद अखिल भारतीय हिंदू महासभा समेत अन्य हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताई। इसके बाद मॉल के मैनेजमेंट नए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। अब हिंदू समाज पार्टी के योगी सरोज नाथ ने कहा है कि, अगर परिसर में नमाज पढ़ा जा सकता है तो अब सुंदरकांड का भी पाठ होगा, जिसके चलते तीन लोगों को एंट्री गेट से हिरासक में लिया गया है।
शुक्रवार को मॉल परिसर के अंदर सुंदरकांड का पाठ करने का प्रयास करने वाले हिंदू समाज पार्टी के तीन लोगों को एंट्री गेट से हिरासत में लिया गया है। यह जानकारी एडीसीपी साउथ राजेश श्रीवास्तव ने दी है। इसमें भदोही से योगी सरोज नाथ भी शामिल रहे। इस दौरान योगी सरोज नाथ ने कहा कि अगर नमाज होगी, तो सुंदरकांड भी होगा। पुलिस प्रशासन के बावजूद अराजकता फैलाई जा रही है। अगर नमाज पढ़ी गई, तो हम हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि, हमारे साथ गलत हो रहा है।नमाज पढ़ने को लेकर मामला जब तूल पकड़ने लगा तो मॉल मैनेजमेंट ने एक नोटिस चस्पा किया था। नोटिस पर लिखा गया कि, मॉल में किसी भी धार्मिक प्रार्थना की अनुमति नहीं है। इसके साथ ही मॉल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और निजी सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। वही, 14 जुलाई को सुशांत गोल्फ सिटी थाने में मॉल के अंदर नमाज अदा करने वाले अज्ञात युवकों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मुकदमा प्रबंधन के तरफ से दर्ज कराया गया है। वहीं, लुलु मॉल मैनेजमेंट का दावा है कि नमाज पढ़ते हुए वायरल वीडियो में दिख रहे लोगों से उनका कोई संबंध नहीं हैं। नमाज अदा करने वाले न तो मॉल कर्मचारी और न ही कोई संबंध है।
