‘प्यार हुआ…इकरार हुआ है…प्यार से फिर के प्यार है दिल है’, दरअसल, प्यार में पडऩे के बाद दिल हमेशा उसे खोने से डरता है। जब आप इस खूबसूरत एहसास में होते हैं तो दुनिया खूबसूरत लगती है। लेकिन जब उसे धोखा दिया जाता है, तो सब कुछ बर्बाद हो जाता है। संसार बंजर हो जाता है। यह कहना मुश्किल है कि इन दिनों प्यार कब प्यार के तरीके में बदल जाता है। आप किसी और के साथ संबंध बना रहे हैं, इसे अपने साथी से छिपाते हुए, उसे इसका एहसास होता है। पार्टनर के साथ संबंध ऐसा होता है कि उसे पता चलता है कि कुछ गड़बड़ है। उसका साथी उसे धोखा दे रहा है। धोखाधड़ी का पर्दाफाश एक न एक दिन जरूर होता है। लेकिन IlllicitEncounters.comनाम की एक वेबसाइट बेवफा रिश्तों को पहचानने का एक नया तरीका लेकर आई है। ताकि समय के साथ लोग अपने बेवफा साथी से सावधान हो जाएं। SexTember के नाम से जानी जाने वाली वेबसाइट लोगों को बताती है कि ज्यादातर लोग किस महीने में धोखा देना शुरू करते हैं। सर्वे में सामने आया कि सितंबर के महीने में लोग अपने पार्टनर को सबसे ज्यादा धोखा देने लगते हैं। अन्य महीनों की तुलना में इस महीने में धोखाधड़ी के 22 प्रतिशत अधिक मामले दर्ज किए जाते हैं। सर्वे में यह भी पाया गया कि 34 फीसदी पुरुष और 32 फीसदी महिलाएं गर्मियों के बाद सितंबर के महीने में अपने पार्टनर को धोखा देने लगती हैं। इसके पीछे का कारण पता नहीं चला है। पहले जनवरी के महीने को छल का महीना कहा जाता था। लेकिन अब इसकी जगह सितंबर ने ले ली है. इस सर्वे में 2000 लोगों को शामिल किया गया था.
धोखा देने के पीछे क्या कारण है?
सर्वेक्षण बेवफाई में गहराई से पहुंचा। जिसमें यह बात सामने आई है कि धोखेबाज स्वभाव वाले लोग अपने पार्टनर के साथ रहते-रहते बोर हो जाते हैं। इसलिए वे दूसरों के पीछे जाते हैं। इसके अलावा कोरोना काम खत्म कर ऑफिस जाने की वजह भी बन गया है। सर्वे में सामने आया कि 21 फीसदी पुरुष और 19 फीसदी महिलाएं ऑफिस जाकर अपने पार्टनर को धोखा देने से नहीं हिचकिचातीं। वे वहां एक अलग रिश्ता बनाते हैं।

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