खांसी के सिरप से जुड़ी कुछ डराने वाली खबरें आ रही हैं। हरियाणा की दवा कंपनी मेडन फार्मास्युटिकल लिमिटेड के कफ सिरप से गाम्बिया में करीब 66 बच्चों की मौत की खबर है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, कफ सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल औ एथिलीन ग्लाइकॉल पाए गए हैं। इनको ज्यादा मात्रा में लेने से काफी नुकसान होता है। बच्चे कड़वी खांसी की दवा नहीं पी पाते इसलिए उनके सिरप में ये मिलाए जाते हैं। अगर आपको कफ सिरप से जुड़ी ये खबरें डरा रही हों तो आप यहां खांसी के लिए कुछ घरेलू उपचार जान सकते हैं।
2 साल से छोटे बच्चों को न दें सिरप – खांसी और जुकाम की दवाओं से साइड इफेक्ट्स होते हैं। छोटे बच्चों पर इनका ज्यादा खराब असर हो सकता है। फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (FDA) भी 2 साल से छोटी उम्र के बच्चों को खांसी की दवाएं न देने की सलाह देता है। कई दवाओं में 4 साल तक के बच्चों को दवा न देने की वॉर्निंग दी जाती है। अगर खांसी बहुत सीरियस नहीं है तो 6 साल तक के बच्चे को सर्दी-खांसी के लिए दवाओं की जगह घरेलू उपचार दें।
बच्चे को दें भाप– अगर बच्चे की नाक जाम है तो डिस्टिल्ड वॉटर या पानी उबालकर नाक में स्प्रे कर सकते हैं। बच्चा एक साल से बड़ा है तो 2-3 बूंद डालें एक साल से छोटा है तो 1 बूंद ही डालें। इसके बाद एक नॉस्ट्रिल (नथुना) बंद करके दूसरे से नाक निकालने को कहें, बच्चा छोटा है तो आप उन्हें करवाएं। बच्चे को भाप दें और गुनगुने पानी से नहलाएं।
