त्योहारी सीजन में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए कई बड़े ऐलान किए. त्योहार शुरू होने से ठीक पहले महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत में बढ़ोतरी का ऐलान हुआ. इसके बाद केंद्र सरकार ने रेलवे कर्मचारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव की घोषणा की. इन सभी फैसले से केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों को फायदा मिला है. सैलरी और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी के साथ ही रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन बढ़ाने का फैसला हुआ. बढ़ोतरी का नया नियम केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लागू हो गया है और धीरे-धीरे राज्य सरकारें भी लागू कर रही हैं. केंद्र सरकार की तरफ से पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ मिल रहा है, लेकिन इसका एक नियम याद रखना जरूरी है. यह ऐसा नियम है जिसकी अनदेखी या अवहेलना भारी पड़ सकती है. यह नियम सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 2021 का है. यह नियम कहता है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी नौकरी के दौरान किसी गंभीर गलत कार्य में लिप्त पाया जाता है, अपनी ड्यूटी से खिलवाड़ करता है, तो उसकी पेंशन और ग्रेच्युटी रोकी जा सकती है. सीसीएस (पेंशन) रूल्स, 2021 के रूल 8 पर सरकार की तरफ से एक नोटिफिकेशन भी जारी की गई है.
बंद हो सकती है पेंशन, ग्रेच्युटी
इस नोटिफिकेशन में संशोधन के बारे में बताया गया है कि गलती पकड़े जाने पर पेंशन और ग्रेच्युटी का लाभ बंद किया जा सकता है और इसका निर्णय लेने का अधिकार कुछ अधिकारियों को दिया गया है. इन अधिकारियों में राष्ट्रपति, प्रशासनिक विभाग के सचिव, ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया शामिल हैं. यानी ये तीनों अधिकारी किसी सरकारी कर्मचारी की पेंशन और ग्रेच्युटी को रोक सकते हैं और अगर उनके खिलाफ गंभीर मामला पाया जाता है.
7 अक्टूबर को प्रकाशित संशोधित नियम 8 के अनुसार, ऊपर बताई गई एजेंसियों (अधिकारियों) के पास पेंशन को पूरी तरह से या आंशिक रूप से रद्द करने का अधिकार है यदि रिटायर्ड व्यक्ति किसी भी विभागीय या विभाग में “नौकरी की अवधि के दौरान गंभीर कदाचार (मिसकंडक्ट) या गड़बड़ी” का दोषी पाया जाता है. इतना ही नहीं, रिटायरमेंट के बाद की जाने वाली कोई दूसरी नौकरी या सर्विस की भी जांच की जा सकती है.
पेंशनर से भरपाई का नियम
पेंशन या ग्रेच्युटी को हमेशा के लिए या कुछ खास अवधि के लिए रोका जा सकता है. अगर सरकारी विभाग को लगता है कि दोषी कर्मचारी को पेंशन या ग्रेच्युटी देने से वित्तीय घाटा हुआ है, तो उस कर्मचारी से भरपाई भी की जा सकती है. इस फैसले पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार राष्ट्रपति को है और फैसले से पहले यूपीएससी से विमर्श करना जरूरी होता है. इसके अलावा, पेंशन की राशि को नियम 44 के तहत न्यूनतम पेंशन से कम नहीं किया जा सकता है, जो कि 9000 रुपये प्रति माह है. यह नियम तब के लिए है जब कुछ मामलों में इनकम का एक हिस्सा रोक दिया जाता है या वापस ले लिया जाता है.

Share.

Comments are closed.

chhattisgarhrajya.com

ADDRESS : GAYTRI NAGAR, NEAR ASHIRWAD HOSPITAL, DANGANIYA, RAIPUR (CG)
 
MOBILE : +91-9826237000
EMAIL : info@chhattisgarhrajya.com
June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
Exit mobile version