डेविड आर विंस्टन द्वारा लिखित नाटो डिफेंस एजुकेशन एन्हांसमेंट प्रोग्राम (DEEP ) द्वारा प्रकाशित नई किताब में वैश्विक आतंकी वित्तपोषण पर तालिबान और पाकिस्तान की सांठगांठ का खुलासा किया गया है।
अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, यह गठजोड़ पूरी दुनिया के लिए और विशेष रूप से मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए खतरे है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। पुस्तक अफगानिस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान से उत्पन्न नशीले पदार्थों के उद्योग के विकास और नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद/अतिवाद के बीच बनी गठजोड़ का विश्लेषण करती है।
अफगानिस्तान से अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी के बाद पिछले साल से नशीले पदार्थ उद्योग तेजी से पूरे देश के लिए प्राथमिक राजस्व जनरेटर बन रहा है जबकि पहले इसके विपरीत था। अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, पुस्तक में बताया गया है कि कैसे दुनिया नशीले पदार्थों और आतंकवादी समूहों से इसके संबंधों कारण खतरनाक रास्ते पर जा रही है और इस नए खतरे से निपटना कैसे है। पुस्तक के अनुसार इस तरह के व्यापार को पाकिस्तान की सैन्य जासूसी एजेंसी ISI की मदद से संभव बनाया गया जिसने सहानुभूति वाले जिहादी समूहों के साथ कई गुप्त अभियान शुरू किए। इनमें से सभी अपने कार्यों को फंडिंग देने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी पर बहुत अधिक निर्भर थे, इसके माध्यम से तस्करी के मार्ग का और विस्तार हुआ ।
