शास्त्र में घर में बार-बार चीटियों का आना भविष्य में होने वाली घटनाओं का संकेत देती हैं. इनके रंग और घर में इनके आगमन के स्थान से पहचान सकते हैं कि ये संकेत शुभ है या अशुभ. आइए जानते हैं.
काली चीटियों का घर में पश्चिम दिशा से निकलना जल्द विदेश यात्रा का संकेत देती है. काली चीटियों को ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है.
शास्त्रों के अनुसार जब चींटियां चावल के भरे बर्तन में से निकले तो यह शुभ माना जाता है. ये धन वृद्धि का संकेत होता है. ये आर्थिक तंगी दूर होने का इशारा करती हैं.
लाल चीटियों का घर में प्रवेश करना अच्छा नहीं माना जाता है. कहते ये आने वाली बड़ी मुसीबतों जैसे धन हानि, विवाद का संकेत है.
वैसे लाल चीटियां घर में होना शुभ नहीं होता लेकिन अगर ये लाल चीटियां मुंह में अंडा लेकर घर से जाते हुए दिखे तो ये शुभ संकेत होता है. कहते हैं ये घर से नकारात्मक ऊर्जा को अपने साथ ले जाती है. इसका अर्थ है जीवन में कुछ प्रगति होने वाली है.
शास्त्रों के अनुसार घर में काली चीटियों का ऊपर की ओर जाने का मतलब होता है जीवन में विकास, सुख, शांति, समृद्धि में वृद्धि होगी. वहीं दीवार पर नीचे की ओर उतर रही चीटिंया घाटे और नकारात्मक सूचना का संकेत देती हैं.
कहते हैं कि चींटियां छत से निकती हुई दिखाई दे तो ये धन लाभ और संपत्ति में बढ़ोत्तरी का संकेत होता है. साथ ही भौतिक सुख जैसे वैवाहिक जीवन में खुशियां, संतान से जुड़े कार्य पूर्ण होंगे.
काली चींटियों अगर घर में हो तो इन्हें आटा और शक्कर मिलाकर जरूर खिलाएं. कहते हैं इससे व्यक्ति हर तरह के बंधन से मुक्त हो जाता है और खुशहाली आती है.
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