रूस और यूक्रेन के बीच पिछले लगभग नौ महीने से युद्ध चल रहा है। रूस ने यूक्रेन के कई इलाके पूरी तरह से तबाह कर दिए हैं, लेकिन अब तक जीत नहीं मिल सकी है। खेरसॉन जैसे इलाकों पर वापस यूक्रेन का कब्जा हो गया है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और जगहों को रूस को छोड़ना पड़ सकता है। ऐसे में हार सामने देख वह बौखला गया है और अब यूक्रेन के ऊपर सबसे घातक हथियारों में से एक वीपन को भी इस्तेमाल करने से नहीं चूक रहा है। दरअसल, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी प्राइवेट आर्मी में खतरनाक हथियार की तैनाती की मंजूरी दे दी है। इस हथियार को ‘पुअर मैन न्यूक्लियर वीपन’ के नाम से जाना जाता है। यह एक घातक फ्लेमथ्रोवर हथियार है। TOS-1A Solntsepek थर्मोबैरिक फ्लेमथ्रोवर को बख्तरबंद वाहनों, दुश्मनों के पूर्ण विनाश के लिए डिज़ाइन किया गया है। मंजूरी मिलने के बाद रूस इसे यूक्रेन में इस्तेमाल भी करने लगा है।

दुश्मनों को भाप में बदल देता है हथियार-यह इतना खतरनाक हथियार है कि जब यह ब्लास्ट होता है तो अपने आसपास के हजार फीट रेडियस तक आने वाली सभी चीजों को भाप में बदल देता है। इसके ब्लास्ट से सीधे लंग्स पर असर पड़ता है और चूंकि उस वक्त तापमान तीन हजार डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, इसलिए किसी के भी बचने का सवाल नहीं उठता। थर्मोबैरिक गोला बारूद को ‘दुनिया में सबसे भयानक (पारंपरिक) हथियार’ के रूप में देखा जाता है। सेवानिवृत्त अमेरिकी कर्नल डेविड जॉनसन द्वारा इसे ‘गरीब आदमी का परमाणु हथियार’ करार दिया गया है।

सीधे आसमान से भी छोड़ा जा सकता है हथियार
इस खतरनाक हथियार को या तो सीधे आसमान से भी छोड़ा जा सकता है या फिर रॉकेट में लोड करके चलाया जा सकता है। वहीं, इसे गोला-बारूद की तरह से भी दुश्मनों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी से जुड़ा एक नया वीडियो सामने आया है, जिससे पता चलता है कि इस हथियार का यूक्रेन युद्ध में भी इस्तेमाल किया जा रहा है। पुतिन के वफादार वैगनर ग्रुप के रैगटैग सदस्यों द्वारा यूक्रेन में हथियार का इस्तेमाल हो रहा है।

ड्रोन में कैद हुए विस्फोट के वीडियो-सरकारी मीडिया आउटलेट आरआईए नोवोस्ती के अनुसार, ड्रोन ने भयानक वीडियो को कैद किया है, जिसमें आर्टेमोव्स्क और उसके उपनगरों में यूक्रेनी सेना को मारने के लिए रूसी सैनिक इन हथियार के आर्टिलरी वर्जन का इस्तेमाल कर रहे हैं। पहले वीडियो में दिखाई देता है कि विस्फोट से कंटेनर खुल गया और फिर उसमें से ईंधन मिश्रण निकलता है और धुंध का रूप ले लेता है। यह आसपास की इमारतों के भीतर प्रवेश कर जाता है। वहीं, फिर दूसरे विस्फोट के बाद बड़े आग के गोले निकलने लगते हैं और एक बड़ा विस्फोट होता है। यह आसपास की ऑक्सीजन को खींचने लगता है। बता दें कि लोग या तो पहले इस हथियार के विस्फोट की चपेट में आने से मर जाते हैं या फिर बाद में वैक्यूम की वजह से उनके लंग्स पर असर पड़ता है, जिससे उनकी मौत हो जाती है।

सीक्रेट लैब में हथियार बनाता है रूस-रूस इन हथियारों को मॉस्को में स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड केमिस्ट्री की सीक्रेट लैब में बनाता है। एक सूत्र ने अल्ट्रा-लॉयलिस्ट न्यूज आउटलेट RIA FAN को बताया, ”इन हथियारों को सबसे भयानक माना जाता है। दुनिया के किसी भी देश में इसका कोई एनालॉग नहीं है। अमेरिकियों ने इसे प्रतिबंधित करने की भी कोशिश की, इसलिए नहीं कि यह वास्तव में सामूहिक विनाश का हथियार है, बल्कि इसलिए कि अमेरिकी ऐसा कुछ नहीं कर सकते हैं।”वैगनर का नेतृत्व अरबपति येवगेनी प्रिगोझिन कर रहे हैं, जो एक कुख्यात युद्ध अपराधी और पुतिन के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक हैं। वहीं, यह पूछे जाने पर कि उनके लोगों को यूक्रेन के लोगों के साथ क्या करना चाहिए प्रिगोझिन ने जवाब दिया, ”जो कुछ भी आप उनके साथ करना पसंद करें। उन्हें यातना दें या फिर चाहे उनका गला काट दें।”

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