एक सप्ताह पहले समंदर की सतह पर पड़े टाइटैनिक जहाज़ का मलबा देखने जाते समय ये पनडुब्बी लापता हो गई थी. अधिकारियों का कहना है कि टाइटन में सवार सभी पांच लोग ‘एक धमाके’ के बाद तुरंत मारे गए. इसे ‘कैटेस्ट्रोफिक एक्सप्लोसन’ या समंदर के अंदर दबाव में पनडुब्बी के अंदर विस्फोट हो जाना कहा जा रहा है.

पनडुब्बी के साथ क्या हुआ इसे लेकर कई सवाल हैं और जांच की मांग उठ रही है.पनडुब्बी में सवार ब्रितानी अरबपति हाशिम हार्डिंग की गॉड डॉटर (गोद ली हुई बेटी) लूसी कॉसनेट ने इस हादसे को लेकर चिंताएं ज़ाहिर की हैं. बीबीसी से बात करते हुए लूसी ने कहा, “सुरक्षा के लिए अधिक क़दम उठाये जाने चाहिए थे. कंपनी ओशनगेट को इसके लिए और काम करना चाहिए था.” उन्होंने कहा, “इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए, ताकि पता चल सके कि क्या ग़लत हुआ, ऐसा क्यों हुआ और उनकी जान क्यों नहीं बच सकी.”

क्या शव मिल सकेंगे? – अमेरिकी कोस्टगार्ड के रियर एडमिरल जॉन मॉगर ने गुरुवार को कहा था कि वो इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि मारे गए लोगों के शवों को खोजा जा सकेगा या नहीं.

“ये बहुत ही ज़्यादा मुश्किल वातावरण है.” – इस पनडुब्बी में अरबपति ब्रितानी कारोबारी हामिश हार्डिंग, शहज़ाद दाऊद, उनके बेटे सुलेमान भी सवार थे.ओशनगेट के सीईओ स्टॉक्टन रश और फ्रांसीसी नेवी के पूर्व गोताखोर पॉल हेनरी नार्जियोले भी पनडुब्बी में सवार थे.

अब खोज अभियान का क्या होगा? – अभी ये स्पष्ट नहीं है कि इसकी जांच का ज़िम्मा कौन सी एजेंसी संभालेगी क्योंकि इस तरह की सबमर्सिबल के लिए नियम स्पष्ट नहीं हैं.रियर एडमिरल मॉगर ने कहा कि ये बहुत ही जटिल परिस्थिति है क्योंकि हादसा समंदर के दूरस्थ इलाक़े में हुआ है और हादसे में अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल थे.

लेकिन अभी तक इस खोज अभियान में अमेरिकी कोस्टगार्ड की अहम भूमिक रही है, ऐसे में ये माना जा रहा है कि वो आगे भी अहम भूमिका में रहेगी. कोस्टगार्ड ने कहा है कि वो हादसा स्थल के पास जहां मलबा फैला है उस इलाक़े में जांच जारी रखेगा. अभी भी इलाक़े में खोजी जहाज़ और टेक्नीशियन मौजूद हैं. शुक्रवार से बाकी दलों ने घटनास्थल से हटना शुरू कर दिया था, हालांकि वो उन्हीं साज़ो सामान को ले जा रहे हैं, जिनकी अभी वहां ज़रूरत नहीं है.

टाइटैनिक के आसपास भेजे गए रिमोट ऑपरेटिंग व्हिकल (आरओवी) भी अभी मलबे के आसपास ही बने रहेंगे. एडमिरल मॉगर ने कहा, “मैं अभी ये नहीं बता सकता हूं कि समंदर की सतह से आरओवी को कब हटाया जाएगा.” पेलागिक रिसर्च सर्विसेज़ ने कहा है कि वो अपने आरओवी को क्षेत्र का अध्ययन करने और मलबा बाहर लाने के लिए फिर से सतह पर भेज रहा है. शुक्रवार को इसी कंपनी के आरओवी ने मलबे की खोज की थी. कंपनी के एक प्रवक्ता ने सीएनएन से कहा है कि उनकी आरओवी अगले एक सप्ताह तक और तैनात रह सकते हैं.

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