पश्चिम बंगाल से दुर्ग चांदी की तस्करी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 90 लाख रुपए कीमत की 127 किलोग्राम चांदी के आभूषण जब्त की है। युवक जब जेवर के दस्तावेज नहीं दे पाया तो पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को सूचना मिली थी एक प्रकाश सिंह नाम का शख्स अवैध सोने चांदी के आभूषणों की तस्करी करता है। यह भी जानकारी मिली थी कि वह बाहर से चांदी के जेवरात मंगाता है। दुर्ग-भिलाई और आसपास के जिलों के सराफा व्यापारियों से ऑर्डर लेकर उन्हें सप्लाई करता है। एसपी दुर्ग शलभ सिन्हा के निर्देश पर आकांक्षा पाण्डेय के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। टीम ने दुर्ग कोतवाली थाना अंतर्गत आपापुरा क्षेत्र स्थित एक मकान में शुक्रवार को छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से प्रकाश सिंह सहित चार लोगों को हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान वहां से बड़े पैमाने पर चांदी के आभूषण जब्त किए गए। जब्त चांदी का वजन 125 किलोग्राम निकला। इसकी कीमत लगभग 90 लाख रुपए बताई जा रही है। पश्चिम बंगाल से करता था चांदी की तस्करी। पुलिस की पूछताछ में आरोपी प्रकाश सिंह ने बताया कि वो बिहार का रहने वाला है। उसकी पश्चिम बंगाल में रहने वाले सुब्बू सिंह से अच्छी दोस्ती है। सुब्बू सिंह उसे पश्चिम बंगाल से चांदी के आभूषण भेजता था। प्रकाश दुर्ग के आपापुरा क्षेत्र में किराए से मकान लेकर वहां पूरे जेवरात को रखता था। इसके बाद घूम-घूमकर दुर्ग भिलाई और अन्य जगहों के सराफा व्यापारियों को इन आभूषणों की सप्लाई देता था। पुलिस ने जब प्रकाश सिंह से जेवरात से संबंधित इनकम टैक्स और जीएसटी बिल के दस्तावेज मांगे तो वो नहीं दे सका। उसने बताया कि वो बिना जीएसटी नगद धंधा करके चांदी के आभूषण ज्वेलर्स को देता था। इस कार्रवाई से जिले के कई सराफा व्यापारी जीएसटी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की निगाह में आ गए हैं। क्योंकि प्रकाश इन्हीं लोगों की मदद से करोड़ों रुपए का सामान को बेचकर इनकम टैक्स और जीएसटी की चोरी करता था। पुलिस का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच के लिए जीएसटी और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भी पत्र लिखा है।

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