गुजरात के खेड़ा जिले में अल्पसंख्यक समुदाय के युवकों को खंभे से बांधकर पीटने जुड़े अदालत की अवमानना मामले में हाई कोर्ट गुरुवार (19 अक्टूबर) को चार पुलिसकर्मियों को 14 दिन के लिए जेल भेज दिया. अदालत ने दोषियों पर 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है. घटना लगभग सालभर पहले हुई थी. इससे पहले दोषियों ने आदेश के खिलाफ अपील करने के लिए अदालत से समय मांगा था और जिसके चलते फैसला 3 महीने के लिए रोक दिया गया था.
कोर्ट ने कृत्य को अमानवीय बताते हुए पुलिसवालों को लगाई फटकार
जस्टिस एएस सुपेहिया और जस्टिस गीता गोपीहाद की बेंच ने युवकों की सार्वजनिक रूप से पिटाई को अमानवीय और मानवता के खिलाफ बताते हुए दोषी पुलिसवालों को कड़ी फटकार भी लगाई.
3 अक्टूबर 2022 की है घटना, जानें क्या हुआ था
3 अक्टूबर 2022 को गुजरात के उंधेला गांव में कथित तौर पर करीब 200 लोगों की भीड़ ने एक गरबा कार्यक्रम में पत्थरबाजी की थी और इलाके के स्वामीनारायण मंदिर को नुकसान पहुंचाया था. इसके बाद कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे, जिनमें पुलिस को कुछ युवकों को सार्वजनिक तौर पर पीटते हुए दिखाया गया था.
पुलिस के कृत्य के खिलाफ पांच पीड़ितों ने पिछले महीने गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था. उन्होंने तर्क दिया था कि गिरफ्तारी या हिरासत में लेते समय पुलिस को जिन दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए, उन्होंने (पुलिस) उसका उल्लंघन किया. पीड़ितों ने इसी महीने 16 अक्टूबर को पुलिसकर्मियों से आर्थिक मुआवजा लेने से मना कर दिया था. अब कोर्ट ने दोषियों को जेल भेजा है.
गुजरात हाई कोर्ट ने दोषी चार पुलिसकर्मियों को भेजा जेल, जानें क्या हुआ था…
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