अमलेशवर (पाटन)। ग्राम अमलेश्वर डीह सड़क के किनारे लगभग 40 साल पुराने बरगद के पेड़ काटे जाने से अंचल के पर्यावरण प्रेमी दुखी है। ज्ञात हो कि अमलेश्वर, डीह, कोपेडीह, झीठ मार्ग का चौड़ीकरण विगत कुछ महीनों से चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण करने के कारण बहुत से पेड़ काटे जा चुके है। इसी कड़ी में अमलेश्वर डीह मेन रोड के किनारे के बरगद के पेड़ जो कि रोड चौड़ीकरण के दायरे से बच गया था, लेकिन विद्युत पोल सेटिंग करने से लाइन क्षेत्र में आ जाने के कारण से उक्त पेड़ को काटना पड़ गया। इससे छत्तीसगढ़ पर्यावरण मित्र समिति के सदस्यों में शासन के प्रति व विद्युत विभाग के प्रति नाराजगी व्यक्त किये हैं। वन विभाग के द्वारा शासन स्तर पर ऐसे पौधों को उचित मशीन की व्यवस्था कर अन्य जगह विस्थापन की व्यवस्था की जानी चाहिए। साथ ही अब शासन, प्रशासन व विद्युत विभाग को भी ऐसे घने पेड़ पौधे क्षेत्रों में उचित गुणवत्तापूर्वक केबल वायर का प्रयोग की जानी चाहिए, जिससे कि हमारे पर्यावरण को साफ स्वच्छ रखने वाले हमारे पेड़ पौधों को काटने की जरूरत नहीं पड़ऩी चाहिए इस और शासन को गंभीरता पूर्वक विचार करने की जरूरत है। जिससे हमारे आसपास की हरियाली लगातार विद्युत लाईन की चपेट में आकर नष्ट होने से बचाया जा सके। पर्यावरण सुरक्षा व संरक्षण के प्रति समर्पित समिति के सदस्य डॉ अश्वनी साहू, वरिष्ठ सलाहकार ललित बिजौरा, गीता लाल साहू, कोमल वर्मा, परस साहू, संजू साहू , प्रभु यादव, सोनू साहू गोपी साहू केतन (कुणाल साहू), कुलदीप धीवर, चोवा साहू, कमलेश साहू, डिहेशवर सार्वा ने शासन स्तर पर ऐसे पौधे को अन्य जगह पर सिप्टींग करने की मांग किये है।
